देहरादून,  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तराखंड के हर्षिल में जवानों के साथ दिवाली मनाने के बाद केदारनाथ पहुंच गए हैं. यहां हेलीपैड से उतरने के बाद करीब आधे किलोमीटर का रास्ता उन्होंने पैदल तय किया और बाबा केदारनाथ के मंदिर पहुंचे और पूजा अर्चना की. उन्होंने निर्माण कार्यों का जायजा लिया. प्रधानमंत्री बनने का यह उनका तीसरा दौरा है. पिछले दो बार से वे रुद्राभिषेक कर रहे थे. इस बार उन्होंने जलाभिषेक किया. मंदिर से बाहर आकर उन्होंने नंदी को प्रणाम किया. उन्होंने मंदिर की परिक्रमा भी की.

यहां उत्तराखंड आपदा की एक फोटो प्रदर्शनी लगाई गई है. प्रधानमंत्री ने इसका जायजा लिया. जून 2013 में उत्तराखंड में जो प्रलय आई थी, पूरी केदारनाथ घाटी तहस नहस हो गई थी. प्रदर्शनी में उसकी तस्वीरें दिखाई गई हैं. तबाही के बाद जो निर्माण कार्य कराया गया, खुद प्रधानमंत्री ने उसका जायजा लिया. बुधवार को केदारनाथ धाम में प्रधानमंत्री के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी मौजूद रहे.
तीनों तरफ से घिरा है केदारनाथ. मंदिर विशेष पत्थरों को जोड़कर बनाया गया है. यह मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है. साल 2017 में दो बार केदारनाथ गए थे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. बुधवार को उन्होंने बाबा केदार के दर्शन करने के बाद निर्माण कार्यों का जायजा लिया.  बुधवार को केदार घाटी में मौसम साफ रहा.

केदारनाथ में पूजा-अर्चना करने के बाद प्रधानमंत्री ने आम लोगों से भी मुलाकात की. कई लोगों को सेल्फी लेते देखा गया. केदारनाथ के मुख्य द्वार पर फूलों और रंगों की रंगोली बनाई गई है. मंदाकिनी नदी से सीधे एक नया रास्ता केदारनाथ मंदिर तक बनाया गया है. प्रधानमंत्री ने इसका जायजा लिया. इस रास्ते से श्रद्धालु सीधा मंदिर तक आ सकते हैं. मंदिर की सजावट में 3 टन फूल लगाए गए हैं.

प्रधानमंत्री यहां दिवाली भी मनाएंगे. इससे पहले देहरादून निकलने से पहले उन्होंने ट्वीट कर लोगों को दिवाली की बधाई दी. पीएम ने ट्वीट में लिखा, 'दिवाली लोगों की जिंदगी में खुशहाली और समृद्धि लाए.'

कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत, धन सिंह रावत, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट और आचार्य बालकिशन ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया. प्रधानमंत्री केदारनाथ में बने नए मार्ग का भी जायजा लेंगे जिसे परिक्रमा के लिए बनाया गया है, ताकि श्रद्धालु भविष्य में सुविधापूर्वक परिक्रमा कर सकें. मंदाकिनी नदी के संगम से 102 पैड़ियां बनाई गई हैं जहां से भव्य दर्शन होते हैं बाबा केदारनाथ के.

इस दौरान पीएम केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण कार्यों का जायजा लेंगे. कई प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण भी करेंगे. इन प्रोजेक्ट्स में मंदिर तक जाने वाला रास्ता, मंदाकिनी नदी पर बने घाट और पुरोहितों के लिए घर शामिल हैं. इसके साथ ही प्रधानमंत्री केदारनाथ मंदिर के पास शंकराचार्य की महत्वाकांक्षी समाधि का भी शिलान्यास रखेंगे. पीएम के इस दौरे से कपाट खुलने से पहले वहां चल रहे निर्माण कार्य में तेजी देखी जा रही है.

प्रधानमंत्री के केदारनाथ दौरे को देखते हुए यहां काफी तैयारियां की गई हैं. यहां कई नए निर्माण कराए गए हैं, ताकि बाबा केदारनाथ के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिले. केदारनाथ मंदिर से 400 मीटर की ऊंचाई पर एक ध्यान गुफा बनाई गई है जिसमें लोग ध्यान लगा सकते हैं. प्रधानमंत्री मोदी का यहां जाने का आधिकारिक कार्यक्रम नहीं है लेकिन वे उसे कुछ दूर से जरूर देखेंगे.

मंदाकिनी और सरस्वती नदियों के मुहाने पर मुख्य अक्ष का निर्माण कराया गया है जिसे प्रधानमंत्री देखेंगे. केदारपुरी के पुननिर्माण पर प्रधानमंत्री का खास ध्यान है. वे अक्सर यहां निर्माण कार्यों का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जायजा लेते रहते हैं.

2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी का यह तीसरा केदारनाथ दौरा है.

इससे पहले प्रधानमंत्री भारत-चीन सीमा पर उत्तराखंड के हर्सिल पहुंचे और जवानों संग दिवाली मनाई. सेना के नेलॉग पोस्ट पर जवानों संग पीएम ने दिवाली मनाई. 2 महार रेजिमेंट के जवानों से मुलाकात की.

पीएम मोदी के साथ थल सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत भी मौजूद थे. ITBP के डीजी एसएस देसवाल भी उनके साथ थे. महार रेजिमेंट के जवानों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले उनको मिठाई खिलाई और उसके बाद उनके साथ फोटो भी खिंचाई. प्रधानमंत्री ने रक्षा तैयारियों की भी जानकारी ली. आर्मी के इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी की बात की.

पिछले महीने मुख्य सचिव उत्पल कुमार और पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी ने केदारनाथ धाम में चल रहे निर्माण कार्यों और पीएम मोदी के दौरे को लेकर जायजा लिया. इससे पहले पीएम ने कई बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से केदारनाथ में चल रहे पुनर्निर्माण का जायजा लिया. पीएम मोदी मुख्य मंदिर तक पहुंचने वाले चौड़े रास्ते और पुराने चबूतरे के आकार से ढाई गुना से ज्यादा बड़े नए चबूतरे के निर्माण को भी देखेंगे. इसके साथ ही साल 2013 की आपदा में कहर ढाने वाली मंदाकिनी और सरस्वती नदियों पर बने घाट समेत पुनर्निर्माण कार्यों का लोकार्पण करेंगे.