इंदौर: मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों में इंदौर जिले की नौ सीटों के लिए उम्मीदवारों के चयन के लिये मची खींचतान के बीच केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर समेत भाजपा के दो वरिष्ठ नेताओं ने लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन से यहां सोमवार को मुलाकात कर प्रत्याशी चयन पर उनसे विस्तृत चर्चा की.

महाजन से उनके मनीषपुरी स्थित घर में करीब डेढ़ घंटा चली मुलाकात के बाद तोमर ने संवाददाताओं से कहा, "ताई (महाजन का लोकप्रिय उपनाम) हमारी वरिष्ठ नेता हैं. चूंकि वह पिछले कुछ दिनों से विदेश में थी. इसलिये उनसे चुनावी टिकटों को लेकर चर्चा नहीं हो सकी थी. उनके विदेश से लौटने के बाद हमने उनसे इस सिलसिले में चर्चा की."
केंद्रीय मंत्री ने इन खबरों को खारिज किया कि खासकर इंदौर की सीटों पर भाजपा की प्रत्याशी चयन प्रणाली को लेकर महाजन नाराज चल रही हैं. उन्होंने इस बारे में पूछे जाने पर कहा, "महाजन की कोई नाराजगी नहीं है." मध्य प्रदेश में 28 नवंबर को चुनाव होने हैं. अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के गरमाते मुद्दे के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने संक्षिप्त प्रतिक्रिया में कहा, "इस बार अयोध्या में ऐतिहासिक दीपावली मनने वाली है." महाजन, इंदौर क्षेत्र की सांसद भी हैं. तोमर के साथ भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे ने भी उनसे मुलाकात की.

इस मुलाकात से कुछ घंटों पहले, महाजन ने इंदौर में भाजपा के चुनावी टिकटों के बारे में मीडिया के सवालों का जवाब देने से इंकार कर दिया. उन्होंने यहां एक कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से कहा, "मुझे चुनावी टिकटों के बारे में कोई जानकारी नहीं है. आप (मीडिया) इस बारे में मुझसे सवाल मत कीजिये."
इंदौर, महाजन के अलावा भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का भी गृहनगर है. सूत्रों ने बताया कि दोनों वरिष्ठ नेता जिले की नौ सीटों पर अपने पुत्रों और समर्थकों को चुनावी टिकट दिलाना चाहते हैं. माना जा रहा है कि इस खींचतान के कारण भी इंदौर की सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों की घोषणा में विलंब हुआ है.
इंदौर: मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों में इंदौर जिले की नौ सीटों के लिए उम्मीदवारों के चयन के लिये मची खींचतान के बीच केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर समेत भाजपा के दो वरिष्ठ नेताओं ने लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन से यहां सोमवार को मुलाकात कर प्रत्याशी चयन पर उनसे विस्तृत चर्चा की.

महाजन से उनके मनीषपुरी स्थित घर में करीब डेढ़ घंटा चली मुलाकात के बाद तोमर ने संवाददाताओं से कहा, "ताई (महाजन का लोकप्रिय उपनाम) हमारी वरिष्ठ नेता हैं. चूंकि वह पिछले कुछ दिनों से विदेश में थी. इसलिये उनसे चुनावी टिकटों को लेकर चर्चा नहीं हो सकी थी. उनके विदेश से लौटने के बाद हमने उनसे इस सिलसिले में चर्चा की."

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केंद्रीय मंत्री ने इन खबरों को खारिज किया कि खासकर इंदौर की सीटों पर भाजपा की प्रत्याशी चयन प्रणाली को लेकर महाजन नाराज चल रही हैं. उन्होंने इस बारे में पूछे जाने पर कहा, "महाजन की कोई नाराजगी नहीं है." मध्य प्रदेश में 28 नवंबर को चुनाव होने हैं. अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के गरमाते मुद्दे के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने संक्षिप्त प्रतिक्रिया में कहा, "इस बार अयोध्या में ऐतिहासिक दीपावली मनने वाली है." महाजन, इंदौर क्षेत्र की सांसद भी हैं. तोमर के साथ भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे ने भी उनसे मुलाकात की.

इस मुलाकात से कुछ घंटों पहले, महाजन ने इंदौर में भाजपा के चुनावी टिकटों के बारे में मीडिया के सवालों का जवाब देने से इंकार कर दिया. उन्होंने यहां एक कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से कहा, "मुझे चुनावी टिकटों के बारे में कोई जानकारी नहीं है. आप (मीडिया) इस बारे में मुझसे सवाल मत कीजिये."

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इंदौर, महाजन के अलावा भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का भी गृहनगर है. सूत्रों ने बताया कि दोनों वरिष्ठ नेता जिले की नौ सीटों पर अपने पुत्रों और समर्थकों को चुनावी टिकट दिलाना चाहते हैं. माना जा रहा है कि इस खींचतान के कारण भी इंदौर की सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों की घोषणा में विलंब हुआ है.

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इंदौर, सुमित्रा महाजन के अलावा भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का भी गृहनगर है.(फाइल फोटो)

बीजेपी ने जारी की 17 प्रत्याशियों की दूसरी सूची
इस बीच भाजपा ने सोमवार को दो महिलाओं सहित अपने 17 प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी कर दी है. इस सूची में एक सांसद एवं एक मंत्री सहित आठ विधायकों के नाम शामिल हैं, जबकि पांच वर्तमान विधायकों के टिकट काटे दिए गए हैं. इसी के साथ भाजपा ने अब तक प्रदेश की कुल 230 विधानसभा सीटों में से 194 सीटों पर अपने प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है. इससे पहले दो अक्‍टूबर को अपने 177 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की थी.

सोमवार को जारी दूसरी सूची में भाजपा ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के भांजे और मुरैना से सांसद अनूप मिश्रा को ग्वालियर जिले की भितरवार सीट से टिकट दिया है. वह वर्ष 2013 के चुनाव में भी इस सीट पर भाजपा के प्रत्याशी थे, लेकिन कांग्रेस के उम्मीदवार से हार गए थे.

इसके अलावा, इस सूची में एक मंत्री सहित आठ वर्तमान विधायकों पर भी पार्टी ने फिर से भरोसा जताया है, जिनमें मध्य प्रदेश के राज्यमंत्री शरद जैन (जबलपुर उत्तर सीट), पुष्पेन्द्र पाठक (बिजावर), रामलाल रौतेल (अनूपपुर), रामप्यारे कुलस्ते (निवास सीट), नारायण पवार (ब्यावरा), निर्मला भूरिया (पेटलावद), मोहन यादव (उज्जैन दक्षिण) एवं इन्द्रसिंह परमार (शुजालपुर) के नाम शामिल हैं. हालांकि, इन्द्रसिंह परमार का विधानसभा क्षेत्र बदला गया है. वह कालापीपल से वर्तमान में विधायक हैं, जबकि शुजालपुर से उन्हें टिकट दिया गया है.

5 विधायकों के टिकट कटे
पार्टी ने इस सूची में वर्तमान पांच विधायकों के टिकट काट दिये हैं. जिन पांच वर्तमान विधायकों के नाम काटे गये हैं, उनमें पंडित सिंह धुर्वे (बिछिया), चन्द्रशेखर देशमुख (मुल्ताई), वीर सिंह पंवार (कुरवाई), जसवंत सिंह हाड़ा (शुजालपुर) एवं मुकेश पाण्ड्या (बड़नगर) शामिल हैं. वहीं, पार्टी ने कोलारस सीट से वीरेन्द्र रघुवंशी को प्रत्याशी बनाया है, जबकि धर्मेन्द्र लोधी को जबेरा सीट, हरेन्द्रजीत सिंह बब्बू (जबलपुर पश्चिम), शिवराज शाह (बिछिया), राजा पंवार (मुल्ताई), लीना संजय जैन (बासौदा), हरि साप्रे (कुरवाई) एवं जीतेन्द्र पण्ड्या (बड़नगर) का टिकट दिया है.