नई दिल्ली, आज नरक चतुर्दशी (Naraka Chaturdashi) यानी छोटी दिवाली (Diwali 2018) है. धनतेरस के दूसरे दिन और दीपावली के एक दिन पहले छोटी दीवाली यानी कि नरक चतुर्दशी का त्योहार मनाया जाता है.  दिवाली के एक दिन पहले आने वाले इस त्योहार के दिन दीप दान किए जाते हैं.

इस दिन घर के द्वार पर दीपक जलाए जाते हैं. इसलिए इसे छोटी दिवाली कहा जाता है. छोटी दिवाली के दिन यम देवता की पूजा की जाती है. मान्यता है कि यम देवता की पूजा करके लोग अपने परिवार वालों के लिए नरक निर्वाण की कामना करते हैं. आइए जानें इस दिन किस तरह पूजा की जाती है.
जानें, पूजा के लिए शुभ मुहूर्त क्या है?


इस बार पूजा के लिए तीन शुभ मुहूर्त हैं...


सुबह:  9 बजकर 32 मिनट से 11 बजकर 45 मिनट तक.

दोपहर: 12  बजकर 05 मिनट से 1 बजकर 22 मिनट तक.

शाम: 5 बजकर 40 मिनट से 7 बजकर  05 मिनट तक.


नरक चतुर्दशी पूजन-

नरक चतुर्दशी पर सुबह तेल लगाकर चिचड़ी की पत्तियां(चिचड़ी- चमत्कारी पौधा) पानी में डालकर स्नान करने से नरक से मुक्ति मिलती है. इस मौके पर 'दरिद्रता जा लक्ष्मी आ' कह घर की महिलाएं घर से गंदगी को घर से बाहर निकालती हैं.

नरक चतुर्दशी पूजन-विधि

- इस दिन सुबह उठकर सबसे पहले नहा धोकर सूर्य भगवान को अर्घ्य दें और संभव हो तो तिल का तेल लगाने के बाद नहाएं.

- इस दिन शरीर पर चंदन का लेप लगाकर नहाने और भगवान कृष्ण की उपासना करने का भी विधान है.

- शाम के समय घर की दहलीज पर दीप जलाएं और यम देव की पूजा करें.

- नरक चौदस के दिन भगवान हनुमान की पूजा भी की जाती है.