लाहौर। पाकिस्तान पुलिस ने ईसाई महिला आसिया बीबी के ईशनिंदा के इल्जाम से बरी होने के बाद तीन दिन के प्रदर्शन, हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ के मामले में करीब 250 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने टीएलपी प्रमुख समेत पांच हजार लोगों पर दंगा और शांति बाधित करने के आरोप में मामले दर्ज किए हैं।
 

कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) से समझौता करने के एक दिन बाद सरकार हरकत में नजर आई और प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी। ईशनिंदा के ममाले में आसिया के बरी होने के बाद टीएलपी और अन्य समूहों की अगुवाई वाले प्रदर्शनकारियों ने देश के विभिन्न हिस्सों में प्रमुख राजमार्गों और सड़कों को अवरूद्ध कर दिया था।

गृह मंत्रालय के आदेश पर पुलिस ने टीएलपी प्रमुख खादिम हुसैन रिजवी और आला नेता अफजल कादरी समेत पांच हजार लोगों के खिलाफ दंगा करने और शांति बाधित करने के आरोप में मामला दर्ज किया। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने रिपोर्ट दी है कि लाहौर में पुलिस ने टीएलपी नेताओं समेत 1500 लोगों के खिलाफ 11 मामले दर्ज किए हैं। फैसलाबाद में तीन हजार लोगों के खिलाफ 29 मामले दर्ज किए हैं, जबकि 218 लोगों को गिरफ्तार किया है।
 

चिनीओट में तीन मामले दर्ज कर 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सरगोधा में 300 लोगों के खिलाफ दो मामले और जंग में 150 लोगों के खिलाफ दो मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस्लामाबाद में एक धार्मिक पार्टी के 20 कार्यकर्ताओं समेत 100 से ज्यादा लोगों के खिलाफ दो मामले दर्ज किए गए हैं। कराची के गुलिस्तां-ए-जौहर और पहलवान गोथ इलाकों में गोली चलाने और लोगों को अपने कारोबार बंद करने के लिए मजबूर करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले गृह मंत्री शहरयार अफरीदी ने उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया था।