नई दिल्ली: अरुणाचल प्रदेश पर चीन का विरोध किसी से छिपा नहीं है. जब भी भारत का कोई शीर्ष नेता अरुणाचल प्रदेश की यात्रा करता है तो चीन अपना विरोध दर्ज कराता ही है. लेकिन तमाम विरोध के बावजूद भारत ने चीन को अपने अंदाज में जवाब देने की तैयारी कर ली है. देश की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण अरुणाचल प्रदेश के दिबांग वैली की एक पोस्ट पर भारतीय जवानों के साथ दिवाली मनाएंगीं. उन्होंने बताया है कि वह 6 और 7 नवंबर को भारतीय जवानों के साथ यहां पर दिवाली मनाएंगीं. माना जा रहा है कि रक्षा मंत्री का अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सैनिकों के साथ दिवाली मनाने का फैसला चीन को भारत के कड़े रुख का संदेश देता है.

अब देखना ये है कि इस मसले पर चीन का क्या जवाब आता है. हालांकि ये पहली बार नहीं है, जब देश का कोई शीर्ष नेता जवानों के साथ दिवाली मनाने जा रहा है.
चीन दावा करता है कि अरुणाचल प्रदेश दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा है. वह भारतीय शीर्ष अधिकारियों के इस इलाके के दौरे पर नियमित रूप से आपत्ति जताता है. इससे पहले भी पिछले साल चीन ने भारत की रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण के अरुणाचल दौरे का विरोध किया था. भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा 3,488 किमी लंबी है. सीमा विवाद के हल के लिए दोनों पक्षों की ओर से लंबे समय से बातचीत जारी है.
पिछले साल सीतारमण सिक्किम में भारत चीन सीमा पर स्थिति नाथू ला गई थीं. वहां उन्होंने सीमा के दूसरी ओर खड़े पीपल्स लिबरेशन आर्मी के सैनिकों का अभिवादन भी किया था. गौरतलब है कि रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने चीन की सीमा से लगे अरुणाचल प्रदेश के सुदूर अंजॉ जिले में सेना की अग्रिम चौकियों का दौरा किया था.
इसके साथ ही रक्षामंत्री ने चीनी सीमा पर रक्षा तैयारियों को जायजा लिया था. आपको बता दें कि इसके पहले 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जवानों के साथ दिवाली मनाई थी. वहीं 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने अपनी दिवाली सियाचिन में सेना के जवानों के साथ मनाई थी.