नई दिल्ली: ‘जंबो’ नाम से मशहूर अनिल कुंबले हाल ही में दो वजह से सुर्खियों में रहे. पहला, उन्होंने गेंदबाजों के संदिग्ध एक्शन के खिलाफ इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) के कड़े रवैये की तारीफ की है. उन्‍होंने कहा कि आईसीसी की कार्रवाई के कारण ऐसे मामलों में कमी आई है. दूसरा, उनकी एक प्रशंसक सोहिनी से सहज मुलाकात. सोहिनी ने कुंबले को देखने के उनको टैग करते हुए ट्वीट किया, 'महान अनिल कुंबले मेरी बेंगलुरू-मुंबई फ्लाइट में हैं. मैं उनके पास जाकर शुक्रिया कहना चाहती हूं, लेकिन हिम्मत नहीं पड़ रही।' कुंबले ने ये ट्वीट देखा और जवाब दिया, 'कृपया यहां आकर मुझसे मिलें जब फ्लाइट टेक ऑफ कर जाए.' फिर कुंबले ने उन्हें ऑटोग्राफ भी दिया.

ये दोनों ही वजह यानी, नियम से खेलना और सहजता, कुंबले के पूरे क्रिकेट करियर का अहम हिस्सा भी रही हैं. 17 अक्टूबर 1970 को कर्नाटक के बेंगलुरू में जन्मे अनिल कुंबले आज 49वां जन्मदिन मना रहे हैं. वे देश के सबसे सफल गेंदबाज हैं. वे सफल कोच भी हैं. लेकिन अपने पूरे क्रिकेट करियर के दौरान वे कभी किसी विवाद में नहीं फंसे. वे बेहद शांत स्वभाव के खिलाड़ी रहे, जो मैदान पर आखिरी गेंद तक लड़ता था. माना जाता है कि बतौर कोच कुंबले की कप्तान विराट कोहली से नहीं बनती थी. इसीलिए वे विवाद से बचने के लिए पद से हट गए थे. 

जब कपिल ने कहा, इसे कौन लेकर आया है 
लेग स्पिनर अनिल कुंबले बेहद फिट खिलाड़ी थे. हालांकि, वे कभी भी बहुत चुस्त फील्डरों पर नहीं गिने गए. 1990 में इंग्लैंड दौरे पर अनिल कुंबले ने कपिल देव की गेंद पर कैच छोड़ दिया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक तब कपिल ने कुंबले को बुरी तरह डांट दिया था और चिल्लाकर कहा था कि इस लड़के को कौन यहां लेकर आया है. 

आज देश के सबसे सफल गेंदबाज 
तेज गति से स्पिन गेंदबाजी करने वाले अनिल कुंबले के नाम टेस्ट क्रिकेट में 619 और वनडे क्रिकेट में 337 विकेट हैं. वे भारत की ओर से सबसे अधिक 956 इंटरनेशनल विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं. टेस्ट क्रिकेट में उनसे ज्यादा विकेट सिर्फ दो गेंदबाज मुथैया मुरलीधरन (1347) और शेन वार्न (1001) ही ले सके हैं. मुरलीधरन ने 800 टेस्ट, 534 वनडे और 13 टी20 विकेट लिए हैं. वार्न ने टेस्ट में 708 और वनडे में 293 विकेट झटके हैं. 

टेस्ट की एक पारी में 10 विकेट का रिकॉर्ड
अनिल कुंबले 141 साल के टेस्ट इतिहास में सिर्फ दूसरे गेंदबाज हैं, जिन्होंने एक टेस्ट की एक पारी में 10 विकेट लिए हैं. उन्होंने 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ नई दिल्ली के फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में यह रिकॉर्ड प्रदर्शन किया था. कुंबले से पहले सिर्फ इंग्लैंड के जिम लेकर ऐसा कर सके थे. 

तेज रफ्तार की वजह से नाम पड़ा जंबो 
कुंबले स्पिनर होने के बावजूद तेज गति से बॉलिंग करते थे. उनकी रफ्तार की वजह से ही साथी खिलाड़ी उन्हें जंबो बुलाने लगे थे. तेज गति के साथ-साथ गेंदों का बेहद कम स्पिन होना भी उनकी गेंदबाजी की खासियत थी. दिलचस्प बात यह है कि उनके समकालीन और उनसे ज्यादा विकेट लेने वाले दोनों ही स्पिनर मुरलीधरन और शेन वार्न अपनी घूमती हुई गेंदबाजी के लिए मशहूर रहे. 

तलाक ले चुकीं चेतना से की शादी 
अनिल कुंबले ने शादीशुदा महिला चेतना से शादी की है. चेतना के पहले पति एक बिजनेसमैन थे. चेतना शादीशुदा जिंदगी से खुश नहीं थीं और तलाक ले चुकी थीं. वे तलाक के बाद ट्रैवल एंजेसी में काम करती थीं, जहां उनकी मुलाकात अनिल कुंबले से हुई. बाद में दोनों ने शादी कर ली. चेतना की पहली शादी से एक बच्ची भी है जिसका नाम आरुणी है. आरुणी के अलावा अनिल और चेतना के दो बच्चे मयस और स्वास्ति हैं.