जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार मंगलवार को मंसूरचक प्रखंड से सभा कर लौट थे। इस दौरान भगवानपुर प्रखंड के दहिया गांव के पास कन्हैया के काफिले में शामिल लोगों व स्थानीय पूजा समिति के सदस्यों के बीच जाम को लेकर कहासुनी हो गई। धीरे-धीरे मामले ने तूल पकड़ना शुरू कर दिया और दोनों पक्षों के बीच झड़प होने लगी। इसमें स्थानीय दुर्गा पूजा समिति से जुड़े लोगों ने कन्हैया के काफिले में शामिल वाहनों पर हमला कर दिया। उसके शीशे तोड़ दिए। साथ ही, गाड़ी को क्षतिग्रस्त भी कर दिया।

इस हमले में कन्हैया को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा है। वहीं, दूसरे पक्ष के कुछ लोगों के घायल होने की सूचना है। मामले को लेकर विरोधी पक्ष भगवानपुर थाने में कन्हैया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने में जुटा है। वहीं कन्हैया कुमार अपने समर्थकों के साथ घटनास्थल से तकरीबन 12 किलोमीटर दूर स्थित बरौनी थाना में उसके साथ हुई घटना को लेकर थानाध्यक्ष से एफआईआर दर्ज करने के प्रयास में जुटे थे।

पटना एम्स के जूनियर डॉक्टर ने भी कन्हैया पर लगाया था आरोप

जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार पर पटना एम्स के जूनियर डॉक्टरों ने सोमवार को दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था। कन्हैया रविवार की रात AISF के बिहार प्रदेश के सचिव सुशील कुमार को एम्स में देखने गए थे। सुशील एम्स के ट्रामा इमरजेंसी वार्ड में भर्ती हैं। जूनियर डॉक्टरों का आरोप है कि कन्हैया के साथ करीब डेढ़ दर्जन समर्थक थे सभी ट्रामा इमरजेंसी में जाने का प्रयास किए। पहले से सुरक्षा गार्ड ने उतनी संख्या में लोगों को वार्ड में जाने से रोका। समर्थक गार्ड से धक्का मुक्की करने लगे और अंदर चले गए। वार्ड में डयूटी पर तैनात जूनियर डॉक्टर भी समर्थकों को वापस जाने को कहा लेकिन नहीं गए। आरोप है कि कन्हैया के समर्थक जूनियर डॉक्टरों के साथ भी धक्का-मुक्की करने लगे। काफी देर तक इसे लेकर एम्स में हंगामा होता रहा। रात करीब 10 बजे जूनियर डॉक्टरों ने काम बंद कर दिया।

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