स्वस्थ रहने और बीमारियों से बचे रहने के लिए योग सबसे अच्छा माध्यम है। तन और मन को स्वस्थ रखने के लिए योग बेहतरीन व्यायाम है लेकिन क्या आप जानते हैं कि किडनी रोग से ग्रस्त लोगों के लिए योग कितना फायदेमंद है। आज हम आपको ऐसे 5 कारण बताने जा रहे हैं, जिसके अनुसार क्रॉनिक किडनी डिसीज से ग्रस्त मरीजों को रोजाना योग करना चाहिए।

 

1. डायबिटीज को रखता है कंट्रोल
डायबिटीज मरीजों को किडनी रोग की संभावना सबसे ज्यादा होती है लेकिन रोजाना योगासन करके इसके खतरे को टाला जा सकता है। एक शोध के मुताबिक, नियमित रूप से योग करने पर ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और लिपिड्स कंट्रोल में रहते हैं। ब्लड शुगर कंट्रोल में रहने पर डायबिटीज पेशेंट में किडनी रोग की संभावना 30% तक कम हो जाती है।

2. ब्लड प्रेशर कंट्रोल
हाई ब्लड प्रेशर किडनी फेलियर के मुख्य कारणों में से एक है। ऐसे में रोज सर्पासन और उष्ट्रासन के जरिए आप ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रख सकते हैं, जिससे किडनी फेलियर का खतरा काफी हद तक कम हो जाएगा।

 

3. दिल मजबूत तो किडनी स्वस्थ
किडनी डिजीज से बचे रहने के लिए दिल का स्वस्थ होना बहुत जरूरी है। दिल और किडनी दोनों को स्वस्थ रखने के लिए आप अंर्धचंद्रासन, त्रिकोणासन और धनुरासन जैसे योग कर सकते हैं।

 

4. डिप्रेशन से बचाव
क्रॉनिक डिजीज से जूझ रहे पेशेंट्स को डिप्रेशन का सामना भी करना पड़ता है। ऐसे में मेडिटेशन और प्राणायाम आपके लिए बेहद फायदेमंद है। इससे न सिर्फ आपको मानसिक शांति मिलेगी बल्कि यह आपको डिप्रेशन से बाहर लाने में मदद करेगा।

 

5. हड्डियों के दर्द से राहत
किडनी रोग से ग्रस्त लोगों को हड्डियों में काफी दर्द रहता है। यूंकि उन्हें पेनकिलर्स नहीं दिए जा सकते तो योग ही एकमात्र तरीका है इस दर्द को दूर करने का। ऐसे में आप रोजाना पश्चिमोत्तनासन, हलासन योग और मार्जायासन द्वारा इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।