बीजेपी सुप्रीमो अमित शाह ने मध्य प्रदेश में चुनावी कमान केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को सौंप कर सबको चौंका दिया. अब सीएम शिवराज को प्रधान के साथ मिलकर चुनावों में काम करना होगा.


प्रदेश में विधान सभा चुनाव के लिए बीजेपी ने धर्मेंद्र प्रधान को चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है. इन विधान सभा चुनावों में कंट्रोल सीधे अमित शाह के हाथ में है इसमें कोई दोराय नहीं है. और धर्मेंद्र प्रधान शाह के सबसे भरोसेमंद पदाधिकारियों में से हैं. इससे साफ है कि एमपी में चुनाव के दौरान जो भी होगा वो सीधे हाईकमान की सरपरस्ती या निर्देश पर होगा.


धर्मेंद्र प्रधान के आने के मायनों पर गौर किया जाए तो वो सीधे अमित शाह और पीएम मोदी के विश्वासपात्र हैं. सत्ता और संगठन दोनों के ही काफी पुराने और सक्रिय सदस्य हैं. एबीवीपी से उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी और बाद में बीजेपी युवा मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे. धर्मेन्द्र प्रधान मध्य प्रदेश से ही राज्यसभा सांसद हैं. इसेस पहले वो ओडिशा से लोकसभा सदस्य रह चुके हैं.


प्रधान को मध्य प्रदेश लाने के कई मायने हैं. वो 49 साल के युवा नेता हैं और युवा ब्रिगेड काफी बड़ी संख्या में प्रधान से जुड़ी है. प्रधान आईटी और सोशल मीडिया पर लगातार एक्टिव हैं. ट्विटर और फेसबुक पर धर्मेंद्र प्रधान के करीब 10 लाख फॉलोअर्स हैं. बीजेपी अपनी चुनावी लड़ाई सोशल मीडिया के ज़रिए भी लड़ती है. ऐसे में प्रधान उसके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकते हैं. इसके अलावा धर्मेंद्र प्रधान के आने के बाद एक नई टीम शिवराज को जिताने के लिए मैदान में उतर सकती है. अगर मध्य प्रदेश में बीजेपी इस बार भी कामयाब रही तो प्रधान आने वाले समय में ओडिशा के सीएम की कुर्सी का रास्ता तय कर सकते हैं.



जा़हिर है मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी हाईकमान सिर्फ सीएम शिवराज के भरोसे नहीं रहना चाहता. अमित शाह का सीधा कंट्रोल इन चुनावों में देखने को मिलेगा.