नई दिल्ली,  नन रेप केस में फंसे जालंधर डायसिस के पूर्व बिशप फ्रैंको मुलक्कल को केरल पुलिस ने आखिरकार शुक्रवार को गिरफ्तार कर ही लिया. पुलिस पिछले दो दिन से उनसे पूछताछ कर रही थी. इसी बीच गुरुवार को पोप ने मुलक्कल को बिशप के पद से मुक्त कर दिया था.

आरोपी फ्रैंको मुलक्कल से एर्नाकुलम में क्राइम ब्रांच के ऑफिस में पूछताछ की जा रही थी. इस मामले में मुलक्कल के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है. केरल पुलिस की स्पेशल टीम पूछताछ कर रही थी. पूछताछ वायकाम के डिप्टी एसपी के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम कर रही थी.

मुलक्कल ने बीते मंगलवार को केरल हाई कोर्ट में अपनी संभावित गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत की भी याचिका दी थी. उन्होंने ऐसा अपने खिलाफ होने वाली पूछताछ से एक दिन पहले किया था.

हालांकि, खचाखच भरे कोर्ट रूम में आरोपी के वकील ने जज से पूछा कि क्या इस मामले की सुनवाई 25 सितंबर को हो सकती है? इस पर जज ने पूछा कि यहां कोई ड्रामा चल रहा है क्या, फिर अदालत ने कहा कि अगर वकील ही ऐसा चाहते हैं तो ठीक है.

दरअसल, पहले ही माना जा रहा था कि केरल पुलिस 25 सितंबर से पहले आरोपी की गिरफ्तारी कर सकती है. इससे पहले केरल हाईकोर्ट ने 13 सितंबर को नन रेप केस में जारी जांच प्रक्रिया पर संतुष्टि जताई थी. मुख्य न्यायाधीश ऋषिकेश राय और एके जयसंकरन नांबियार की बेंच ने 3 अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा था कि जांच सही दिशा में चल रही है.

वहीं, इस मामले में जालंधर के एक चर्च ने आरोपी बिशप को पूरी तरह से क्लीन चिट दे दी थी. जालंधर की मिशनरीज ऑफ जीसस ने एक आंतरिक रिपोर्ट में कहा था कि बिशप इस मामले में निर्दोष हैं. लेकिन उनकी कानून के सामने एक नहीं चली और दो दिन की लंबी पूछताछ के बाद मुलक्कल को गिरफ्तार कर लिया गया.