विश्वकप महिला हॉकी टूर्नामेंट में आज भारतीय महिला टीम, आयरलैंड को हराकर 1974 का इतिहास दोहराना चाहेगी। इस पहले विश्वकप के बाद भारतीय टीम सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच पाई है। ऐसे में आज होने वाले क्वार्टर फाइनल में आयरलैंड को हरा टीम अंतिम चार में स्थान पक्का करना चाहेगी। इटली से हुए क्रॉस ओवर मैच में भारतीय टीम ने 3-0 से शानदार जीत दर्ज कर क्वार्टर फाइनल में स्थान पक्का किया था। इस विश्वकप में भारतीय टीम की यह सबसे बड़ी जीत है।


विश्वकप हॉकी के ग्रुप स्टेज में भारतीय लड़कियों का औसत प्रदर्शन रहा। दो ड्रॉ और एक हार के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। आखिरी स्थान पर रहने वाली अमेरिकी टीम के भी इतने ही अंक थे, लेकिन बेहतर गोल औसत होने के कारण भारत को क्रॉस ओवर मैच खेलने का मौका मिला। आयरलैंड ने भारतीय टीम को ग्रुप स्टेज में 1-0 से हराया था। ऐसे में भारतीय लड़कियां इस मैच में किसी भी गलती को दोहराना नहीं चाहेंगी। वहीं जीत पर आयरलैंड से हार का बदला चुकाने के साथ भारत इतिहास भी दोहराना चाहेगा। 

1974 में भारतीय टीम अपने ग्रुप में चार मैच में तीन जीत के साथ सबसे ऊपर थी। सेमीफाइनल में अर्जेंटीना से 1-0 से हार मिली थी। वहीं इस वर्ल्ड कप में अब तक चार मैचों में एक जीत, दो ड्रॉ और एक हार मिली है। टीम की कप्तान और सबसे अनुभवी खिलाड़ी रानी रामपाल, सुनीता लाकड़ा सहित सभी  खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। भारतीय टीम का यह सातवां वर्ल्ड कप है। अगर भारतीय टीम सेमीफाइनल में पहुंचने में कामयाब होती है तो विश्वकप का दूसरा सबसे बेहतर प्रदर्शन होगा। क्वार्टर फाइनल में हार पर तीसरा सबसे बेहतर प्रदर्शन रहेगा। भारतीय टीम क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल जीतने में कामयाब रहती है तो अब तक का सबसे बेहतर प्रदर्शन होगा। 


वर्ल्ड कप महिला हॉकी का प्रदर्शन

भारतीय टीम को 1974 में चौथा स्थान हासिल हुआ था। इसके बाद 1978 में सातवें स्थान पर टीम रही थी। वहीं 1983 ममें टीम को 11वां स्थान मिला था। 1998 में भारतीय लड़कियां बारहवां स्थान हासिल कर पाई थीं। जो अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन है। 2006 में टीम को 11वें स्थान से संतोष करना पड़ा था। 2010 में टीम 9वें स्थान से आगे नहीं बढ़ पाई थी। यह विश्वकप हॉकी का 14वां टूर्नामेंट है। जिसमें से भारत 7 बार क्वालीफाई कर पाया है।