मानसून आए डेढ़ माह से ज्यादा गुजर जाने के बाद भी उत्तर भारत के कई राज्यों में कम बारिश चिंता का सबब बना हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक 11 जुलाई तक राष्ट्रीय स्तर पर 8 फीसदी कम बारिश हुई है। वहीं राज्यों पर नजर डालें तो सबसे कम बारिश उत्तर प्रदेश में हुई है। देश के 39 फीसदी हिस्से में अभी औसत से कम बारिश हुई है, जो कुछ राज्यों में सूखे का संकेत दे रहा है। 


वहीं दक्षिण, पूर्व और पूर्वोत्तर के राज्यों में औसत से ज्यादा बारिश हुई है। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, दिल्ली, हरियाणा उत्तराखंड जैसे राज्यों को अभी भी पर्याप्त बारिश का इंतजार है। 


यूपी- बिहार और झारखंड तरसे 


55 फीसदी कम बारिश हुई पूर्वी उत्तर प्रदेश में


51 फीसदी कम बारिश हुई पश्चिमी उत्तर प्रदेश में


32 फीसदी कम बारिश हुई  बिहार में 


39 फीसदी कम बारिश हुई है झारखंड में


10 फीसदी कम बारिश हुई है उत्तराखंड में 


( आंकड़े 1 जून से 11 जुलाई के मध्य बारिश के) 


और बारिश की जरूरत


05 फीसदी कम बारिश हुई है देशव्यापी स्तर पर, 15 जुलाई तक।  


11 फीसदी कम बारिश हुई 5-11 जुलाई के बीच राष्ट्रीय स्तर पर।  


8 फीसदी कम बारिश हुई 11 जुलाई तक राष्ट्रीय स्तर पर। 


25 फीसदी से भी कम बारिश हुई है 11 जुलाई तक यूपी, बिहार के ज्यादा क्षेत्रों में। 


29 जून को इस साल दिल्ली में मानसून पहुंच गया था जो तय समय पर था


यहां जमकर बरसे मेघा 

30 फीसदी औसत से ज्यादा बारिश हुई है पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में 


17 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है दक्षिण भारत और मध्य भारत में


31 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है तमिलनाडु, पुड्डुचेरी में 


इन क्षेत्रों में ज्यादा बारिश 


तेलंगाना, तमिलनाडु, पुड्डुचेरी, तटीय आंध्र प्रदेश, विदर्भ, कोंकण गोवा, तटीय कर्नाटक, मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र, पश्चिमी मध्य प्रदेश, पूर्वी व पश्चिमी राजस्थान, जम्मू एवं कश्मीर, पंजाब। 


18 जुलाई से हो सकती है बारिश 


मौसम विभाग के पूर्वानुमान को मानें तो 18 जुलाई को और उसके बाद यूपी और बिहार में जमकर बारिश हो सकती है। साथ ही हरियाणा और दिल्ली में भी अच्छी बारिश पड़ सकती है। 


कई इलाकों में रेड कोडेड चेतावनी


बारिश के लिहाज से गोवा, कोंकण क्षेत्र, गुजरात के कुछ हिस्सों और छत्तीसगढ़ के लिए मौसम विभाग ने ‘रेड-कोडेड’ चेतावनी जारी की है। ‘रेड-कोड’ चेतावनी का संकेत देता है और विभिन्न एजेंसियों द्वारा जरूरी कार्रवाई की मांग करता है।