नई दिल्ली। सरकार संसद में मानसून सत्र को सफल बनाना चाहती है। सत्ताधारी गठबंधन के दो नेताओं ने बताया कि इसके लिए सरकार की ओर से पहले ही विपक्षी नेताओं से बात कर किसी भी विषय पर उनकी पसंद पर बहस का आश्वासन भी सुनिश्चित करा लिया गया है।


संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने मंगलवार की सुबह सर्वदलीय बैठक बुलाई है ताकि मानसून सत्र के एजेंडे पर चर्चा की जा सके। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन शाम को अलग से नेताओं के साथ मुलाकात करेंगी। संसद का मानसून सत्र 18 जुलाई से शुरू होकर 10 अगस्त तक चलेगा।

 


आगामी विधानसभा और अगले साल होनेवाले लोकसभा चुनाव से ठीक पहले  भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) मानसून सत्र के दौरान महत्वपूर्ण अध्यादेशों को पास करा लेना चाहता है ताकि उसका राजनीतिक फायदा लिया जा सके। खासकर ओबीसी कमीशन बिल और तीन तलाक को अपराध बनाने माननेवाले बिल को पास कराने पर जोर रहेगा।


सूत्रों ने बताया कि इस बार सरकार की प्राथमिकता में सत्र के दौरान वे छह अध्यादेश रहेंगे जो पिछले कई महीनों से लटके हुए हैं। ये हैं- फ्यूजिटिव इकॉनोमिक ऑफेंडर्स ऑर्डिनेंस, इनसोल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (अमेंडमेट) ऑर्डिनेंस, होम्योपैथी सेंट्रल काउंसिल (अमेंडमेंट) ऑर्डिनेंस, क्रिमिनल लॉ (अमेंडमेंट) ऑर्डिनेंस, कॉमर्शियल कोर्ट्स कॉमर्शियल डिविजन एंड कॉमर्शिय एप्पलेट डिविजन ऑफ हाईकोर्ट्स (अमेंडमेंट्स) ऑर्डिनेंस एंड द नेशनल स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी ऑर्डिनेंस।


बीजेपी के राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी ने कहा- हम चाहते हैं की संसद में इस बार सुचारू पूर्वक काम हो और जनता के लिए महत्वपूर्ण मुद्दों और बिलों को लाया जा सके। उन्होंने कहा कि पिछली बार तमाम कोशिशों के बावजूद पूरा सत्र बर्बाद चला गया ता। विपक्षियों का व्यवहार काफी निराशाजनक था।