लाहौर: पाकिस्तान में अगले महीने की 25 तारीख को होने वाले राष्ट्रीय और प्रांतीय चुनाव के लिए जमात उद दावा ने पाकिस्तान भर में उम्मीदवार खड़े किए हैं। इन 259 उम्मीवारों में मुंबई हमले के मास्टर माइंड हाफिज सईद का बेटा और दामाद भी शामिल है। प्रतिबंधित संगठन की राजनीतिक शाखा ने पाकिस्तान को ‘इस्लाम का गढ़’ बनाने की प्रतिज्ञा की है। इन चुनावों में सईद स्वयं मैदान में नहीं है।

आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्तता के चलते उस पर अमरीका ने एक करोड़ डालर का इनाम रखा है। आतंकवादी संगठन लश्कर ऐ तैयबा से जुड़े , जमात उद दावा ने 2008 में मुंबई में आतंकवादी हमले को अंजाम दिया था। जमात ने अपने राजनीतिक मोर्चे की शुरुआत की जिसका नाम मिल्ली मुस्लिम लीग (एमएमएल) है। पाकिस्तान निर्वाचन आयोग ने एमएमएल का राजनीतिक दल के रूप में पंजीयन करने से मना कर दिया था। इससे पहले इसके लिए गृह मंत्रालय ने यह कह कर इसका विरोध किया था कि एमएमएल जमात उद दावा की एक शाखा है जिसका नेतृत्व सईद करता है और उस पर संयुक्त राष्ट्र ने प्रतिबंध लगाया है।

आम चुनावों के नजदीक आने के साथ ही संगठन ने आयोग में पंजीकृत और छोटी पार्टी अल्लाहू अकबर तहरीक के टिकट पर चुनाव लडऩे का निर्णय किया है। एमएमएल ने बताया कि संगठन के सभी समर्थित उम्मीदवारों की उम्मीदवारी स्वीकार कर ली गई। एमएमएल के एक नेता ने प्रेट्र को बताया कि हाफिज सईद का बेटा हाफिज ताल्हा सईद एनए 91 सीट से जबकि उसका दामाद हाफिल खालिद वलीद एनए 133 सीट से अल्लाहू अकबर तहरीक के चुनाव चिन्ह ‘कुर्सी ’ के तहत चुनाव लड़ रहे हैं। नेता ने बताया कि पार्टी के उम्मीदवार लाहौर की चार नेशनल एसेंबली सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं । इसके अलावा उसके उम्मीदवार पंजाब विधानसभा की 15 सीटों पर भी चुनाव मैदान में हैं ।