भारत के निर्यात पर अमेरिका द्वारा शुल्क में बढ़ोतरी का करारा जवाब देते हुए भारत ने भी वहां से आयात किए जाने वाले 29 उत्पादों पर टैक्स में वृद्धि करने का फैसला किया है। इनमें से 28 उत्पादों पर यह बढ़ोतरी तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगी, जबकि आर्टेमिया (एक प्रकार का झींगा) पर वृद्धि 4 अगस्त से प्रभावी होगी। भारत ने पिछले हफ्ते ही विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) को उन 30 उत्पादों की सूची सौंपी थी जिन पर वह 50 फीसदी तक शुल्क बढ़ा सकता है। वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार मटर, चना, मसूर पर आयात शुल्क 70 फीसदी कर दिया गया है। यह पहले 30 फीसदी था। दालों पर आयात शुल्क 30 से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके अलावा अमेरिका से आयातित बादाम गिरी पर 100 रुपये प्रति किग्रा की जगह 120 रुपये प्रति किग्रा का शुल्क लगेगा, जबकि साबुत बादाम पर इसे 35 रुपये प्रति किग्रा से बढ़ाकर 42 रुपये प्रति किग्रा कर दिया गया है। हालांकि अमेरिका से आयात होने वाली 800 सीसी की बाइक पर शुल्क में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं की गई है।

अखरोट हो सकता है महंगा

अमेरिका से आयातित अखरोट गिरी पर अब 30 फीसदी के बजाय 120 फीसदी का आयात शुल्क लगेगा। इसके अलावा सेब पर 50 फीसदी के बजाय 75 फीसदी का शुल्क वसूला जाएगा। वित्त मंत्रालय की अधिसूचना में कहा गया है कि बोरिक एसिड पर 17.50 फीसदी और फास्फोरिक एसिड पर 20 फीसदी का शुल्क लगाया जाएगा। पहले इन दोनों उत्पादों पर 10-10 फीसदी का शुल्क लागू था।

झींगा पर 30 फीसदी शुल्क

अमेरिका से आयातित आर्टेमिया (एक प्रकार का झींगा) पर अब 30 फीसदी शुल्क लगाया जाएगा। इसके अलावा डायग्नोस्टिक रीएजेंट पर आयात शुल्क 20 फीसदी और फाउंड्री मोल्ड के बाइंडर पर 17.5 फीसदी कर दिया गया है।  लोहे के फ्लैट रोल्ड प्रोडक्ट पर शुल्क 15 से बढ़ाकर 27.50 फीसदी कर दिया गया है, जबकि स्टील के कुछ फ्लैट रोल्ड प्रोडक्ट पर इसे 15 फीसदी से बढ़ाकर 22.50 फीसदी कर दिया है।

बाइक पर नहीं बढ़ा शुल्क

भारत ने डब्ल्यूटीओ को आयात शुल्क बढ़ाने वाले जिन उत्पादों की सूची सौंपी थी उनमें 800 सीसी की बाइक भी शामिल थीं, लेकिन बृहस्पतिवार को की गई घोषणा में इनका नाम नहीं है। इस श्रेणी की अमेरिकी बाइक में हार्ले डेविडसन और ट्रायम्फ शामिल हैं। बता दें कि ट्रंप इन बाइक पर शुल्क में कमी किए जाने का दबाव बना रहे हैं क्योंकि उनका कहना है कि भारत से आयात होने वाली बाइक पर अमेरिका कोई भी शुल्क नहीं वसूलता है।

व्यापार युद्ध जैसे हालात

अमेरिका की संरक्षणवादी नीति के कारण पूरी दुनिया में व्यापार युद्ध जैसे हालत पैदा हो गए हैं। भारत के अलावा यूरोपीय यूनियन ने भी कई अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क में बढ़ोतरी का फैसला किया है। इसके अलावा चीन ने भी अमेरिका की इस दादागिरी का जोरदार जवाब दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 9 मार्च को भारत सहित दुनिया के अन्य देशों से आयातित स्टील और अल्युमीनियम पर शुल्क में क्रमश: 25 और 10 फीसदी की बढ़ोतरी की घोषणा की थी। इसके बाद से ही दुनिया भर के देश अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क बढ़ा रहे हैं।

अमेरिका को डब्ल्यूटीओ में खींचा

स्टील और अल्युमीनियम पर अमेरिका द्वारा शुल्क बढ़ाए जाने के खिलाफ भारत ने डब्ल्यूटीओ में उसकी शिकायत भी की है। भारत हर साल अमेरिका को डेढ़ अरब डॉलर के स्टील एवं अल्युमीनियम उत्पादों का निर्यात करता है।