प्रीति रघुवंशी सुसाइड मामले में मध्य प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री रामपाल सिंह का बेटा गिरजेश सिंह उदयपुरा पंहुचा, जहां वह अस्थि संचय में शामिल हुआ. इस पर परिजनों का कहना है कि हम जो चाह रहे थे वो हो गया.


इससे पहले, परिजनों ने मांग की थी कि गिरजेश प्रीति को अपनी पत्नी स्वीकार करे और उसका अंतिम संस्कार करे, लेकिन वे अंतिम संस्कार करने नहीं पहुंचे थे. बताया जा रहा है कि रघुवंशी समाज के लगातार दबाव के चलते आखिरकार उन्होंने प्रीति से अपना रिश्ता स्वीकार कर लिया है.


बता दें कि मंत्री रामपाल सिंह ने बहू प्रीति रघुवंशी के सुसाइड मामले में पहली बार बयान दिया था. मामले के दो दिन बाद मीडिया के सामने सफाई देने आये मंत्री ने दुख जताया और मामले के जांच के बाद पूरा खुलासा होने की बात की थी. हैरत की बात यह है कि मंत्री रामपाल सिंह ने प्रीती रघुवंशी को अपनी बहू मानने से ही इनकार कर दिया था.


मामले में बड़ा खुलासा तब हुआ हुआ था, जब मंत्री रामपाल सिंह के बेटे गिरजेश का एसएमएस सामने आया था. खुदकुशी की घटना से तीन दिन पहले ही गिरजेश ने प्रीति के चाचा को एसएमएस किया, जिसमें उन्होंने लिखा 'अपन कुछ करेंगे, टेंशन मत लो', बस प्रीति से अच्छे से पहले बात करो.'