पाकिस्‍तान ने भारतीय हाई कमिश्‍नर को पत्र पाकिस्‍तानी की वेबसाइट डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्‍तान ने इस संबंध में इस्‍लामाबाद स्थित भारतीय उच्‍चायोग और विदेश मंत्रालय को लिखित में अवगत कराया है। पाकिस्‍तान का आरोप है कि भारत पाकिस्‍तानी राजनयिकों का और उनके परिवारों का जीना दूभर हो गया है। पाकिस्‍तान का कहना है कि उसके राजनयिकों के परिजनों का उत्‍पीड़न वह कतई बर्दाश्‍त नहीं करने वाला। 

लंबी है पाकिस्‍तान के आरोपों की फेहरिस्‍त पाकिस्‍तान ने भारतीय उच्‍चायुक्‍त और विदेश मंत्रालय को भेजे गए पत्र में बताया कि बीते तीन-चार दिनों से उसके राजनयिकों और उनके परिवारों को परेशान करने की कई घटनाएं भारत में हुई हैं। पाकिस्‍तान के डिप्‍टी हाई कमिश्‍नर के बच्‍चे जब स्‍कूल जा रहे थे, तब उन्‍हें रोका गया और उनके साथ अभद्रता की गई। इसके अलावा दिल्‍ली आते हुए एक और सीनियर डिप्‍लोमैट से भी गलत बर्ताव किया गया। इतना ही नहीं, पाकिस्‍तान का यह भी आरोप है कि उसके राजनयिकों की गाडि़यों को जानबूझकर रोका जाता है। पाकिस्‍तान की ओर से लगाए गए आरोपों की फेहरिस्‍त कोई छोटी-मोटी नहीं है। उसने एक और आरोप यह लगाया है कि उनके उच्‍चायोग में काम करने वाले भारतीयों को भी कार्य करने से रोका जा रहा है। 

पाकिस्‍तानी राजनयिकों पर लगे हैं संगीन आरोप राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) पाकिस्तानी राजनयिक अमीर जुबैर सिद्दीकी के खिलाफ एनआईए इंटरपोल से रेड कार्नर नोटिस जारी कराएगी। अधिकारियों के अनुसार, इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एजेंसी ने जुबैर के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की है। आरोप है कि अमीर जुबैर सिद्दीकी ने 2014 में श्रीलंका स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग में अपने कार्यकाल के दौरान भारत में आतंकी हमला कराने की साजिश रची थी। इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) ने अप्रैल 2014 में इस साजिश का पर्दाफाश किया था। आईबी के इनपुट पर ही तमिलनाडु पुलिस ने श्रीलंका के एक नागरिक साकिर हुसैन को गिरफ्तार किया था।