मध्य प्रदेश के सागर जिले के गढ़ाकोटा में गुरुवार से शुरू हुए रहस लोकोत्सव में 50 हजार महिलाओं को सैनिटरी नैपकिन बांटे गए. राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने नैपकिन वितरण को एक अच्छी पहल बताया. आजीविका महिला स्व-सहायता समूह को 28 लाख रुपये दिए गए और सम्मेलन में उपस्थित लगभग पचास हजार महिलाओं को सैनिटरी नैपकिन भी दिया गया.


इस मौके पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि महिलाओं की सबसे गंभीर समस्या मासिक धर्म के समय की है, उन्हें हाइजेनिक सुविधा नहीं मिल पाती है. इसका सामना करने के लिए प्रदेश में राष्ट्रीय आजीविका मिशन के समूह द्वारा तैयार किए गए सैनिटरी नैपकिन ग्रामीण महिलाओं को नाम मात्र मूल्य पर उपलब्ध कराए जाएंगे.


उन्होंने कहा कि इसके प्रति जन जागृति के उद्देश्य से सम्मेलन में आने वाली 50,000 महिला हितग्राहियों को नि:शुल्क नैपकिन का वितरण कराया जा रहा है.


कार्यक्रम में सागर विश्वविद्यालय के कुलपति आर के तिवारी, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष लता वानखेड़े, बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रामकृष्ण कुसमरिया और विधायक पारुल साहू विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थीं.