मध्य प्रदेश में किसान आत्महत्या के मसले पर पंचायत व ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव द्वारा दिए गए बयान की किसान सभा ने निंदा करते हुए कहा कि शिवराज सरकार के मंत्री किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने में लगे हैं.


मध्य प्रदेश किसान सभा की राज्य इकाई के अध्यक्ष जसविंदर सिंह और महासचिव अशोक तिवारी ने गुरुवार को एक बयान जारी कर कहा कि राज्य में कृषि संकट के चलते आत्महत्या करने वाले किसानों के प्रति हमदर्दी जताने और कृषि संकट का समाधान खोज आत्महत्याएं रोकने की बजाय प्रदेश की भाजपा सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री भार्गव ने किसानों का मजाक उड़ाया है.


मध्य प्रदेश किसान सभा ने कहा है कि मंत्री का बयान किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने वाला है. मंत्री गोपाल भार्गव ने किसानों की आत्महत्या पर कहा था, 'विधायक भी तो मरते हैं, किसानों की आत्महत्या पर इतना हो हल्ला क्यों होता है.'

मध्य प्रदेश किसान सभा की ओर से जारी बयान में कहा है कि विधायकों की स्वभाविक मौत की तुलना कर्ज के बोझ तले दबकर या फसल के बर्बाद हो जाने पर अवसादग्रस्त होकर अपनी जीवन लीला खुद समाप्त कर लेने वाले किसानों से करना अमानवीय है.



किसान नेताओं ने आगे कहा कि सरकार नकली खाद, बीज और कीटनाशक दवाओं पर रोक लगाए, मंडियों में किसानों की लूट को बंद करे, कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने वाली व्यवस्था लागू करे तो किसान आत्महत्या पर रोक लग सकती है. कोई किसान शौक से नहीं मरता है.