मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रेलवे और एनडीआरएफ ने मिलकर संयुक्त अभ्यास किया. यदि कोई रेल हादसा होता है तो किस तरह से प्राथमिक सहायता उपलब्ध करानी है, इसके अभ्यास के लिए ये सत्र आयोजित किया गया था.


राजधानी भोपाल के सूखी सेवनिया इलाके में इस अभ्यास के लिए पूरा दृश्य तैयार किया गया था. एक स्लीपर बोगी को जनरल बोगी को ऊपर चढ़ाया गया था और एक स्लीपर कोच को डीरेल किया गया था. ताकि व्यावहारिक परेशानियों को समझा जा सके.


इस दौरान रेलवे के कर्मचारियों को पीड़ितों के तौर पर बोगियों के अंदर पूरे मेकओवर के साथ तैयार किया गया था, जबकि बोगियों के नीचे पुतलों को मृतकों के रुप में दिखाया गया था. बोगियों के अंदर यात्री के रूप में मौजूद रेलकर्मी दर्द से कराह रहे थे और मदद के शोर मचा रहे थे.


रेलवे अफसरों के मुताबिक सभी टीमों ने समय पर पहुंचकर अभ्यास सत्र में हिस्सा लिया. 11 बजे हादसे की सूचना जारी की गई थी. 15 मिनट के भीतर सभी इमरजेंसी सुविधाएं मौके के लिए रवाना हो चुकी थीं. रेलवे के इस ड्रील के दौरान घायलों को बोगी की छत काटकर बाहर निकाला गया जबकि अन्य पीडितों को खिड़कियां काटकर बाहर निकाला गया.