भोपाल। लो फ्लोर बस ऑपरेटरों को महापौर स्मार्ट पास की 8.5 करोड़ रुपए सब्सिडी नहीं मिलने का असर दिखने लगा है। बस ऑपरेटर यात्रियों की जान जोखिम में डालकर बिना फिटनेस व बीमा के बसों को दौड़ा रहे हैं। शहर में चलने वाली 40 लो फ्लोर बसों की पड़ताल की तो पता चला कि 10 से ज्यादा ऐसी बसें हैं, जिनकी फिटनेस और बीमा की समय अवधि निकल चुकी है।


बसें अलग-अलग रूट पर बिना फिटनेस और बीमा के दौड़ रही हैं। बसों के रजिस्ट्रेशन नंबरों के आधार पर परिवहन विभाग की वेबसाइट पर लो फ्लोर बसों की फिटनेस व बीमा की जांच की तो पता चला कि बस ऑपरेटर ने सितंबर 2017 से लेकर नवंबर के बाद बसों का फिटनेस नहीं कराया है। वेबसाइट पर दर्ज ऑनलाइन जानकारी के अनुसार बसों का बीमा भी 2011 के बाद नहीं कराया है।


बिना फिटनेस व बीमा बस चलाने पर है इतने जुर्माने का प्रावधान


7000 रुपए बड़ी लो फ्लोर बसें बिना फिटनेस चलाने पर


5000 रुपए मिडी बसों को फिटनेस चलाने पर


5000 रुपए बिना बीमा के दौड़ती पाई गई बसों पर


50 रुपए रोजाना के हिसाब से फिटनेस नहीं कराने पर पेनाल्टी


इन बसों का नहीं है फिटनेस व बीमा


एमपी 04 पीए-0972-फिटनेस खत्म हुआ-28 नवंबर 2017 को, बीमा 26 अक्टूबर 2011 से नहीं


एमपी 04 पीए-1060-फिटनेस खत्म हुआ-9 नवंबर 2017 को, बीमा अक्टूबर 2011 से नहीं


एमपी 04 पीए-0974-फिटनेस नहीं कराया-28 नवंबर 2017 से, बीमा अक्टूबर 2011 से नहीं


एमपी 04 पीए-1031-फिटनेस नहीं-7 दिसंबर 2017 से, बीमा 28 अक्टूबर 2011 से नहीं


एमपी 04 पीए- 0971-फिटनेस नहीं-16 सितंबर 2016 से, बीमा 26 अक्टूबर 2017 से नहीं


(इसके अलावा 5 और ऐसी लो फ्लोर बसें हैं,जो बिना फिटनेस व बीमा के दौड़ रही हैं।)


गंभीर नहीं जिम्मेदार


लो फ्लोर बसें बिना फिटनेस व बीमा के चल रही हैं। यदि कोई हादसा हो जाता है तो यात्रियों की सुरक्षा का कौन जिम्मेदार होगा। बीसीएलएल, आरटीओ,ट्रैफिक पुलिस के अफसर अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए गंभीर नहीं हैं - मोहम्मद गनी, अध्यक्ष भोपाल डीजल टैंपो सेवा समिति


करेंगे सख्त कार्रवाई


जल्द ही चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। यदि कोई लो फ्लोर बस बिना फिटनेस व बीमा के मिली तो सख्त कार्रवाई की जाएगी - संजय तिवारी, प्रभारी आरटीओ


मैं जांच कराता हूं


बिना फिटनेस के बसें सड़कों पर नहीं निकल सकतीं। जांच कराता हूं कि कौन-कौन सी लो फ्लोर बसें बिना फिटनेस बीमा के संचालित हो रही हैं - केवल मिश्रा, डायरेक्टर बीसीएलएल