मेलबर्नः  ऑस्ट्रेलिया में हिंदू धर्म के तेजी से बढ़ते प्रभाव के चलते स्थानीय सरकार ने एक मंदिर का कायाकल्प करने के लिए पैसे देने की घोषणा की है।  स्थानीय विक्टोरिया सरकार ने यहां केमको अपग्रेड करने के लिए शुक्रवार को 160,000 डॉलर ( करीब 1 करोड़ रुपए) देने का ऐलान किया है।


कल्चर एंड हेरिटेज सैंटर को श्री शिव-विष्णु मंदिर के तौर पर भी जाना जाता है। इसे वर्ष 1994 में मंदिर का दर्जा दिया गया था। इसे दक्षिणी गोलार्द्ध में सबसे बड़ा हिंदू मंदिर भी माना जाता है। विक्टोरिया में बहुसंस्कृति मामलों के मंत्री रोबिन स्कॉट ने शुक्रवार को मंदिर की यात्रा करते हुए कहा कि सरकार हिंदू सोसायटी ऑफ विक्टोरिया को 160,000 डॉलर ( करीब 1 करोड़ रुपए) से ज्यादा की धनराशि कल्चरल एंड हेरिटेज सेंटर के उन्नयन के लिए देगी।


उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समग्र समाज को बढ़ावा देने के लिए उत्सुक है, जहां विक्टोरिया का हर नागरिक अपनी विरासत के दायरे में रहकर अपनी संस्कृति और परंपरा का संरक्षण कर सके और उसे साझा कर सके। लेबर पार्टी की सरकार की ओर से दिए गए कोष से सैंटर के वाहन मार्ग और प्रवेश द्वार का उन्नयन किया जाएगा। स्कॉट ने कहा कि श्री शिव- विष्णु मंदिर के उन्नयन से हमारे हिंदू समुदाय को करुणा, निस्वार्थता, सद्भाव, सहिष्णुता और सम्मान के मूल्यों को स्थापित करने और साझा करने में मदद मिलेगी। 


ऑस्ट्रेलिया में हिंदू धर्म तेजी से लोकप्रिय होता जा रहा है. पिछले एक दशक में दक्षिण एशिया से आए लोगों के कारण हिंदू धर्म फैल रहा है। वर्ष 2016 की जनगणना के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया में 4,40,000 हिंदू रहते हैं, और 2006 से हिंदू आबादी में 1.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।