विराट और अनुष्का की शादी को गुप्त रखने की हर संभव कोशिश की गई थी, ताकि कम से कम लोगों को इसकी भनक लगे. शादी को इटली में इतना गुप्त रखा गया था कि शादी करवाने वाले पंडित पवन कुमार कौशल तक को भी इसकी जानकारी नहीं थी.


25 साल पहले उत्तरी इटली के बोर्गो सेन जियकमो शहर में जाकर बसे पवन मूलतः पंजाब के कपूरथला जिला के संधू छठा गांव के रहने वाले हैं. उनको शादी के कुछ घंटों पहले तक मालूम नहीं था कि वह विराट और अनुष्का का गठबंधन और सात फेरे करवाने वाले हैं.


उन्हें इस विशेष शादी को संपन्न करवाने के लिए 400 किलोमीटर का सफर तय करके इटली के टस्कनी पहुंचना पड़ा. कपूरथला में उन्होंने अपने परिवार को बताया कि टस्कनी पहुंचने पर वह सबसे पहले विराट की मम्मी से मिले, जिन्होंने उन्हें पंजाबी में समझाया कि वह उनके बेटे विराट कोहली और अनुष्का शर्मा का विवाह संपन्न करवाने वाले हैं.


जब उन्हें यह मालूम हुआ कि वह दो सेलेब्रिटीज की शादी करवाने वाले हैं तो उनकी खुशी का ठिकाना न रहा. उनके मुताबिक अनुष्का और विराट दोनों ने उनके साथ बहुत आदर से बात की और उनको पंजाबी और संस्कृत समझने में कोई भी दिक्कत नहीं हुई.


पवन के रिश्तेदारों के मुताबिक उन्होंने सबसे पहले उनके साथ विराट और उनकी मम्मी ने पंजाबी में बात की और अनुष्का ने हिंदी भाषा में. उनके मुताबिक अनुष्का और विराट दोनों की दिलचस्पी सात फेरों के दौरान खाई जाने वाली कसमों में थी और दोनों ने खुशी से और भावनात्मक रूप से सात फेरे लिए.


अनुष्का और विराट को पहले से ही सात फेरों की कसमों की जानकारी थी और उन्होंने एक बार भी पंडित से उनका अर्थ नहीं पूछा. हालांकि पंडित पवन कुमार कौशल ने उनको खुद ही सात कस्बों और फेरों का महत्व समझाया. उनके मुताबिक अनुष्का और विराट ने बाकायदा हाथ में माइक्रोफोन लेकर सात फेरों की कसम के लिए अपनी सहमति दी.


विराट और अनुष्का की शादी करवाने वाले पवन शादी के बाद अचानक सुर्खियों में आ गए हैं. सोशल मीडिया पर उनको लगातार बधाइयां मिल रही है और वह खुद को एक सेलिब्रिटी की तरह महसूस कर रहे हैं.


पवन कुमार कौशल ने शादी से जुड़े दूसरे राज खोलने से इंकार किया और न ही शादी के बाद मिली दक्षिणा की जानकारी दी. पवन शनि देव के पुजारी हैं और इटली में अपना शिव मंदिर चलाते हैं.