गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में हुए प्रद्युम्न मर्डर केस के आरोपी छात्र को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड से करारा झटका लगा है. जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने आरोपी की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसने याचिका लगाई थी कि सीबीआई के चार्जशीट दायर करने तक उसके खिलाफ नाबालिग की तरह केस चले.


इसके साथ ही आरोपी जुवेनाइल ने बोर्ड के सामने जमानत याचिका भी लगाई थी, जिस पर सीबीआई को नोटिस जारी हुआ है. याचिका में आरोपी ने कहा था कि जब तक सीबीआई मामले में चार्जशीट दाखिल नहीं कर देती, तब तक फैसला न दे कि उस पर मुकदमा नाबालिग की तरह चलेगा या फिर बालिग की तरह.


इसके साथ ही जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने सीबीआई को आरोपी छात्र का फिंगर प्रिंट लेने की इजाजत दे दी है. 19 दिसंबर को सीबीआई बाल सुधार गृह जाकर आरोपी के परिजनों और वकील के सामने फिंगर प्रिंट लेगी. आरोपी द्वारा लगाई गई जमानत याचिका पर बोर्ड ने सीबीआई को नोटिस जारी किया है.


सीबीआई को 15 दिसंबर को इस संदर्भ में अपना जवाब दाखिल करना है. इसी दिन जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड यह फैसला करेगा कि आरोपी छात्र को जमानत दी जाए या नहीं. इसके साथ ही उसके खिलाफ केस बालिग मानकर चलाया जाए या नाबालिग. मृतक प्रदुमन के पिता ने बोर्ड के सामने याचिका लगाई थी.


प्रद्युम्न के पिता ने जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में याचिका लगाई थी कि आरोपी को बालिग मानकर उसके खिलाफ केस चलाया जाए. उसने जघन्य अपराध किया है. ऐसे अपराध विकृत और वयस्क मानसिकता के अपराधी ही कर सकते हैं, ऐसे में कोर्ट उसे बालिग मानकर अधिकतम सजा दिलाने का रास्ता साफ करे.