इंदौर : पुलिस ने शहर के एक नामी प्राइवेट स्‍कूल की तीन शिक्षिकाओं को चार वर्षीय बच्ची का कथित रूप से यौन उत्पीड़न करने और उसका वीडियो बनाने के सनसनीखेज आरोपों को लेकर हिरासत में लिया है. पुलिस ने इनके खिलाफ आईपीसी और पोक्‍सो एक्‍ट के तहत मामला दर्ज किया है. हालांकि शिक्षिकाओं और स्‍कूल निदेशक ने आरोपों से इंकार किया है.

 

शहर पुलिस अधीक्षक वंदना चौहान ने बताया कि छत्रीपुरा इलाके के एक स्कूल में तीन शिक्षिकाओं द्वारा केजी की छात्रा से बेहद अश्लील हरकतें किए जाने की शिकायत पर लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) के तहत मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने बताया कि बच्ची ने यह आरोप भी लगाया है कि जब दो शिक्षिकाएं उसका यौन उत्पीड़न करती थीं, तब एक अन्य शिक्षिका अपने मोबाइल फोन के जरिये इसका फोटो या वीडियो भी बनाती थी.

 

टाइम्‍स ऑफ इंडिया में प्रकाशित खबर के अनुसार, बच्‍ची खुद पुलिस को स्‍कूल में उन जगहों पर लेकर गई जहां-जहां उसका कथित रूप से यौन उत्‍पीड़न किया गया और उसने आरोपी शिक्षिकाओं के बारे में पुलिस को बताया. इसके बाद स्‍कूल में काफी हंगामा हो गया और छात्रों के नाराज अभिभावकों ने शिक्षकों पर हमला करने की कोशिश भी की.

 

शिक्षिकाओं ने आरोपों से इंकार किया है. एक शिक्षिका ने पुलिस को बताया, 'उसने कभी इस बच्‍ची से बात तक नहीं की है, क्‍योंकि वह उसकी कक्षा को पढ़ाती भी नहीं है'. वहीं एक अन्‍य टीचर ने कहा, 'मैं पिछले 15 दिनों से इस बच्‍ची से नहीं मिली हूं. उसने जो भी कहा है, वह झूठ है. मैं डेढ़ से दो साल तक की उम्र के प्‍लेग्रुप स्‍टूडेंट्स को पढ़ाती हूं'.

 

स्‍कूल के निदेशक ने कहा कि यह बच्‍ची द्वारा लगाए गए आरोप हैं और मैं पूरी तरह से आश्‍वस्‍त हूं कि स्‍कूल में ऐसा कुछ नहीं हुआ. हम पुलिस से सहयोग कर रहे हैं और उन्‍हें हर सीसीटीवी फुटेज उपलब्‍ध कराई गई है. परिजनों का कहना है कि उन्हें बच्ची के यौन उत्पीड़न के मामले का पता कल चला, जब उसने अपने निजी अंगों में दर्द की शिकायत करते हुए स्कूल जाने में आनाकानी की.