बिलासपुर नगर निगम में एमआईसी की बैठक
बिलासपुर।
एमआईसी की बैठक में इंजीनियरों को साफ कर दिया गया है कि शहर में चलने वाले निर्माण कार्यों की उन्हें रोज प्रगति रिपोर्ट देनी होगी। अगर काम समय में नहीं हुआ तो इसके लिए इंजीनियर भी दोषी माने जाएंगे और वे भी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। इसी तरह पाइप लाइन लीकेज को लेकर आ रही शिकायतों का भी रोज निराकरण करने और रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
दीपावली त्योहार के बाद निगम की पहली एमआईसी बैठक हुई। इसमें चर्चा का मुख्य विषय शहर में चल रहे निर्माण कार्य ही रही। एमआईसी सदस्यों ने आरोप लगाया कि काम कुछ दिन तेजी से चलती है उसके बाद फिर सभी सुस्त हो जाता है। कई बार तो ठेकेदार काम अधूरा छोड़ देता है। इससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। पूरे मामले में इंजीनियरों को इस बार कड़ी हिदायत दी गई है। उन्हें साफ कर दिया गया है कि जहां एक बार काम शुरू हो रहा है उसे पूरा कराकर ही छोड़ें। ऐसे में अच्छी तरह से जांच करें ताकी बाद में काम अधूरा छोडऩे की नौबत ही न आए। इसी तरह काम में विलंब होने पर इंजीनियरों पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है। उन्हें अब रोज ही प्रगति रिपोर्ट देनी होगी। इसी तरह शहर में पेयजल की पाइप लाइन में लीकेज की ढेरों शिकायतें हैं। इसके कारण पानी दूषित होने, सड़क खराब होने और फोर्स के साथ पानी नहीं आने की शिकायत रहती है। जल शाखा प्रभारी को कहा गया है कि रोज उनका कहां-कहां काम चल रहा है उसकी रिपोर्ट दें। बैठक में एएस फन प्राइवेट लिमिटेड के संचालक रामअवतार अग्रवाल ने सरकंडा मुक्तिधाम को व्यवस्थित करके देने पर उसका रखरखाव करने की इच्छा जताई है। एमआईसी ने कुछ शर्तों के साथ उन्हें मुक्तिधाम के रखरखाव की अनुमति दे दी है। बैठक में निगम अध्यक्ष अशोक विधानी, आयुक्त सौमिल रंजन चौबे,अपर आयुक्त बीएल सुरक्षित,एमआईसी सदस्य उदय मजुमदार,रमेश जायसवाल,बंशी साहू,प्रकाश यादव,उमेश चंद्रकुमार,राजकुमार पमनानी,अंजनी कश्यप, मधुबाला टंडन आदि मौजूद थे।