दुबई: विवादों से घिरे भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी एस.श्रीसंत ने इस ओर इशारा किया है कि अगर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने उन पर लगा आजीवन प्रतिबंध नहीं हटाया, तो वह दूसरे देश के लिए खेल सकते हैं. श्रीसंत ने कहा, "बीसीसीआई ने मुझ पर यह प्रतिबंध लगाया है, न कि आईसीसी ने. मैं किसी दूसरे देश के लिए खेल सकता हूं. मैं अभी 34 साल का हूं और मैं अभी ज्यादा से ज्यादा छह साल और खेल सकता हूं. एक क्रिकेट प्रेमी होने के नाते मैं क्रिकेट खेलना चाहता हूं. बीसीसीआई एक निजी फर्म है, ये तो हम कहते हैं कि यह एक भारतीय टीम है, लेकिन बीसीसीआई एक निजी निकाय है."

स्पॉट फिक्सिंग मामले में आजीवन प्रतिबंध का सामना कर रहे श्रीसंत ने कहा, "इसलिए, अगर मैं किसी अन्य देश के लिए खेलता हूं, तो यह सम्मान बात ही होगी। हालांकि, रणजी ट्रॉफी में केरल टीम का प्रतिनिधित्व एक अलग बात है. मैंने केरल के लिए रणजी और ईरानी ट्रॉफी जीतने की आशा की थी, लेकिन इस फैसले ने सब पर पानी फेर दिया." उल्लेखनीय है कि श्रीसंत को 2013 मे इंडियन प्रीमियर लीग में स्पॉट फिक्सिंग के लिए गिरफ्तार किया गया था. उन्हें इसके लिए कुछ समय जेल में भी बिताने पड़े थे.

क्रिकेट से आजीवन प्रतिबंध के कारण श्रीसंत किसी भी लीग क्रिकेट में नहीं खेल सकते और न ही किसी भी क्रिकेट के मैदान में प्रशिक्षण के लिए जा सकते हैं. श्रीसंत की अपील के बाद कुछ समय पहले केरल उच्च न्यायालय ने इस आजीवन प्रतिबंध को हटा दिया था और इससे श्रीसंत ने राहत की सांस लेते हुए क्रिकेट में वापसी की उम्मीदें लगाई थी, लेकिन ये उम्मीदें जल्द ही खत्म हो गईं.बीसीसीआई ने इस फैसले के खिलाफ अपील करने का निर्णय लिया और इस कारण केरल उच्च न्यायालय को श्रीसंत के खिलाफ आजीवन प्रतिबंध को बरकरार रखना पड़ा.

श्रीसंत के दूसरे देश से खेलने के सवाल पर बीसीसीआई ने भी प्रतिक्रिया दी है. श्रीसंत इस के बयान पर बीसीसीआई  के एक्टिंग सेक्रेटरी अमिताभ चौधरी कहा, "कोई भी प्लेयर जिस पर आईसीसी  का फुल मेंबर देश बैन लगाता है, वो किसी दूसरी फुल मेंबर देश और एसोसिएशन से नहीं खेल सकता है. ये बेकार की बातें हैं, हमें अपनी लीगल पोजिशन पता है.” वहीं, बीसीसीआई के एक्टिंग प्रेसिडेंट सीके खन्ना ने कहा,“ आईसीसी का नियम बहुत स्पष्ट है कि अपने पैरेंट बॉडी द्वारा बैन कोई भी खिलाड़ी किसी भी अन्य देश के लिए नहीं खेल सकता है.”