छत्तीसगढ़ में देश के सबसे छोटे हिरण को देखा गया है. गरियाबंद के उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में इस हिरण की फोटो भी वन विभाग के कैमरे में कैद हुई है. इस सबसे छोटे हिरण को माउस डियर के नाम से जाना जाता है. 112 साल बाद छत्तीसगढ़ में माउस डियर की फोटो मिल पाई है.

1842 वर्ग किलोमीटर के इस रिजर्व में तेंदुओं पर निगरानी के लिए लगाए गए कैमरों में माउस डियर की दौड़ती हुई तस्वीर कैद हुई है.
नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी के सचिव मोइज अहमद ने बताया कि इसी साल मई—जून महीने में सीतानदी रिजर्व में लगे कैमरे की ट्रैपिंग के दौरान माउस डियर को देखा गया है. व​न विभाग के साथ मिलकर माउस डियर की सुरक्षा के लिए काम किया जा रहा है.
मोइज ने बताया कि छत्तीसगढ़ में माउस डियर के होने का प्रमाण 112 साल बाद मिला है. इससे पहले सन् 1905 में रायपुर भ्रमण को आए एक विदेशी नागरिक ने कैमरे में माउस डियर की फोटो ली थी. हालांकि इसके बाद कई बार छत्तीसगढ़ में छोटे हिरण को देखने की बातें सामने आईं हैं, लेकिन प्रमाण इस साल मिल पाया है.

मोइज ने बताया कि उन्होंने खुद सन् 2003 व 2005 में माउस डियर को गरियाबंद में ही देखा था, लेकिन फोटो नहीं ले पाए. वन विभाग के क्षेत्रीय निदेशक ओपी यादव ने बताया कि छत्तीसगढ़ में पहली बार इस प्रजाति के हिरण को फोटो के साथ देखा गया है. माउस डियर विलुप्त होती प्रजाति है. इसलिए इसकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं.
हालांकि छत्तीसगढ़ के अलावा देश में केरला, तमिलनाडु, राजस्थान, झारखंड और मध्यप्रदेश में माउस डियर के  होने की खबर प्रमाण समय—समय पर मिलती है.