500 करोड़ के हवाला कारोबार की जांच कर रहे पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी के तबादले के विरोध में आज कटनी बंद का आह्वान किया है. राज्य सरकार ने दो दिन पूर्व गौरव तिवारी का छिंदवाड़ा तबादला कर दिया था.

बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे कैंपेन और बढ़ते जनआक्रोश को देखते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय से भी पूरे मामले में जानकारी तलब की गई है.

गौरव तिवारी के खिलाफ मंगलवार को भी शहर में विरोध प्रदर्शन हुए थे. हजारों की संख्या में लोगों ने सड़कों पर उतरकर पुलिस अधीक्षक का तबादला निरस्त करने की मांग की है. उनका आरोप है कि 500 करोड़ के हवाला कारोबार की जांच को प्रभावित करने के लिए पुलिस अधीक्षक का तबादला किया गया है.

तबादले के दूसरे दिन हुए विरोध प्रदर्शन में शिवराज कैबिनेट में मंत्री संजय पाठक के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. उन्होंने संजय पाठक को मंत्रिमंडल से हटाने और पुलिस अधीक्षक का तबादला निरस्त करने के लिए अभियान चलाया है.

दरअसल, हवाला कारोबार में कथित तौर पर संजय पाठक के करीब कारोबारियों के नाम होने की वजह से मंत्री आम लोगों के निशाने पर हैं. आरोप लग रहे है कि उनके दबाव में ही पुलिस अधीक्षक को हटाया गया है.

हजारों लोग सड़कों पर उतरे

मंगलवार सुबह तय समय पर हजारों की संख्या में स्थानीय लोग सुभाष चौक पर जमा हुए. इस दौरान एसपी के तबादले का विरोध करते हुए सरकार से मांग की गई कि हवाला मामले की जांच तक उन्हें कटनी में ही पदस्थ रखा जाए.

दरअसल, गौरव तिवारी अपनी कार्यशैली के चलते कटनी में खासे लोकप्रिय हैं. उन्होंने छह महीने के अपने कार्यकाल में 500 करोड़ के हवाला रैकेट में शामिल रसूखदारों पर शिकंजा कसना शुरू किया था.

स्थानीय लोगों कहना है कि एसपी की यह कार्रवाई रसूखदारों को रास नहीं आ रही थी. तबादले का विरोध कर रहे लोगों का आरोप है कि हवाला कांड के आरोपियों को बचाने के लिए ही ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ आईपीएस अफसर का तबादला किया गया है.

पीएम को लिखी चिट्ठी

स्थानीय लोगों ने पुलिस अधीक्षक तिवारी के तबादले के विरोध में प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी के नाम खत लिखा है.

प्रधानमंत्री को भेजे गए खत में कहा गया है कि तिवारी ने जब से कटनी के पुलिस अधीक्षक के तौर पर जिम्मेदारी संभाली थी, तब से यहां अपराध पर अंकुश लग गया था और गलत काम करने वालों की नींद उड़ गई थी, मगर राजनीतिक दवाब में तिवारी का ही तबादला कर दिया गया है.