निर्वाचन आयोग ने चुनाव वाले पांच राज्यों के अधिकारियों को नेताओं के सभी होर्डिंग और विज्ञापन के ढकने के आदेश दिए हैं, जिनमें किसी जीवित राजनीतिक पदाधिकारी या दल की उपलब्धियों का उल्लेख है। निर्देश पर अमल की जिम्मेदारी संबंधित राज्यों के चुनाव मशीनरी को दी गई है। निर्वाचन आयोग ने ये ताजा निर्देश अपने 12 दिसंबर 2004 के दिशानिर्देशों को दोहराते हुए दिए हैं।

इससे पहले चुनाव के मुख्य निवार्चन अधिकारी ने 4 जनवरी को चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद यह मुद्दा उठाया था। आयोग ने कहा कि विज्ञापनों या होडिंर्गों में उक्त तस्वीरों को हटा दिया जाना चाहिए या समुचित ढंग से ढका जाना चाहिए, ताकि उसके निर्देशों की भावनाओं का पूरी तरह से पालन हो।

आयोग ने कहा, ऐसे सभी होर्डिंग और विज्ञापन जो किसी जीवित राजनीतिक पदाधिकारी या राजनीतिक दल की उपलब्धियों को उजागर करते हैं या उनके उनकी तस्वीरें,नाम या पार्टी का चुनाव चिन्ह हो, उन्हें अब हटा दिया जाए। निर्देश के मुताबिक कोई भी राजनीतिक दल या पदाधिकारी अपनी छवि चमकाने के लिए सरकारी धन का इस्तेमाल नहीं कर सकता।

गौरतलब है कि सोमवार को ही कांग्रेस ने चुनाव आयोग के समक्ष यह मुद्दा उठाया था। पार्टी ने उज्जवला योजना के प्रचार के लिए तेल कंपनियों की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर वाले लगाए गए होर्डिंग पर आपत्ति दर्ज कराते हुए उन्हें हटाने की मांग की थी।

4 फरवरी से आठ मार्च के बीच उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा एवं मणिपुर में विधानसभा चुनाव होने हैं। आयोग ने 4 जनवरी को इन राज्यों का चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।