Google के बाद दुनिया का दूसरा सबसे मशहूर सर्च इंजन रहा Yahoo अपने अंतिम दिनों में है और जल्द ही इसका नाम बदलकर Altaba Inc. होने जा रहा है। अगर 4.8 अरब डॉलर की वेराइजन डील हो जाती है तो कंपनी के बोर्ड का साइज भी आधा हो और Yahoo की कॉरपोरेट आइडेंटिटी भी बदल जाएगी। घाटे में चल रही याहू अपनी डिजिटल सर्विसेस वेराइजन कम्‍युनिकेशन को बेचने जा रही है। इसके तहत ईमेल, वेबसाइट्स, मोबाइल ऐप्‍स और एडवर्टाइजिंग टूल्‍स वेराइजन को मिल जाएंगे।

क्या है नए नाम का राज़
नए नाम  Altaba पर याहू से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि ये नाम असल में  alternative and Alibaba के कॉम्बिनेशन से बनाया गया है। गौरतलब है कि याहू के 10 मेंबर वाले बोर्ड में फिलहाल CEO मैरिसा मेयर समेत चार डायरेक्‍टर हैं। वेराइजन डील के बाद ये सभी बोर्ड से इस्‍तीफा दे देंगे। बता दें कि हाल ही में याहू अकाउंट्स की है‍किंग की दो अलग-अलग घटनाओं के बाद वेराइजन डील खतरे में पड़ गई थी। इस हैकिंग में 1 अरब से ज्यादा यूजर्स के अकाउंट से पर्सनल जानकारियां चुराई गई थीं।  

 

क्या है डील...

जुलाई 2016 में 4.5 अरब डॉलर (करीब 32 हजार करोड़ रुपए) में याहू-वेराइजन डील पर सहमति बनी थी। डील के तहत वेराइजन को याहू के कोर इंटरनेट बिजनेस (ईमेल सर्विसेस, स्‍पोर्ट्स वर्टिकल्‍स और ऐप्स) को खरीदना था। स्‍टॉक एक्‍सचेंज को की गई अपनी फाइलिंग में याहू ने सोमवार को बताया कि एक बार डील की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कंपनी का नाम बदलकर Altaba Inc हो जाएगा। इस डील के इस साल मार्च तक पूरा हो जाने की संभावना जताई जा रही है. 

याहू का क्या होगा
इस डील के बाद याहू के पास दिग्‍गज चीनी कंपनी अलीबाबा के शेयर के अलावा कुछ नहीं बचेगा। मौजूदा समय में याहू के पास अलीबाबा के 15 फीसदी शेयर हैं। अलीबाबा मौजूदा समय में करीब 35 अरब डॉलर की कंपनी है। बता दें कि याहू अकाउंट्स की है‍किंग के बाद बदलाव के तहत याहू के डायरेक्‍टर एरिक ब्रांट कंपनी के चेयरमैन बनाए गए। ब्रांट को मेनार्ड वेब की जगह अप्‍वाइंट किया गया है। वेब वेराइजन डील पूरी होने तक उसके चेयरमैन एमिरटस रहेंगे।