भोपाल, एक साल में साढ़े सात लाख युवाओं को स्किल्ड किया जायेगा। इनमें से लगभग एक लाख सिक्योरिटी गार्ड और डोमेस्टिक वर्कर्स होंगे। तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास (स्वतंत्र प्रभार), स्कूल एवं श्रम राज्य मंत्री श्री दीपक जोशी ने यह बात 'सिक्योरिटी और डोमेस्टिक वर्कर्स' पर कार्यशाला में कही।

श्री जोशी ने कहा कि कार्यशाला में जो भी सुझाव आयेंगे उन्हें कौशल विकास नीति में जोड़ा जायेगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा और घरेलू कार्यकर्ताओं की ऐसी टीम तैयार करें जिसकी पूरे देश में अलग पहचान हो। श्री जोशी ने विषय-विशेषज्ञों से कहा कि शासन की नीति में कोई कमी हो, तो नि:संकोच बतायें।

स्टार बैज से होगी गार्ड की पहचान

श्री जोशी ने प्रशिक्षित सिक्योरिटी गार्ड के लिए स्टार बैज का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि इस बैज के माध्यम से प्रशिक्षित गार्ड की पहचान होगी। यह बैज सिर्फ निर्धारित मानदण्ड अनुसार प्रशिक्षित गार्ड को ही दिया जायेगा।

श्री जोशी ने कहा कि सिक्योरिटी गार्ड के प्रशिक्षण के संबंध में विस्तृत नीति बनाने के लिए जल्द ही गृह, श्रम और सामान्य प्रशासन विभाग के मंत्री और अधिकारियों के साथ बैठक की जायेगी। उन्होंने कौशलम् से संबंधित प्रदर्शनी का भी उदघाटन किया। श्री जोशी ने प्रदर्शनी में रखे दत्तू चूल्हा सहित अन्य उत्पादों के बारे में जानकारी ली।

तकनीकी शिक्षा का बजट हुआ चार गुना

प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा श्री कल्पना श्रीवास्तव ने कहा कि कार्यशाला में सिक्योरिटी और डोमेस्टिक वर्कर्स सेक्टर में बेहतर कार्य करने के संबंध में विमर्श किया जायेगा। उन्होंने बताया कि तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग का बजट लगभग 4 गुना हो गया है। श्रीमती श्रीवास्तव ने कहा कि सिक्योरिटी और डोमेस्टिक वर्कर्स की स्किल अपग्रेड कर उनकी मासिक आय बढ़ाने के प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यशाला आगे भी की जायेंगी।

एम.ओ.यू. साइन हुए

कार्यशाला में डोमेस्टिक वर्कर्स सेक्टर स्किल काउंसिल और सिक्योरिटी सेक्टर स्किल काउंसिल के साथ कौशल विकास विभाग ने प्रशिक्षण के लिए एम.ओ.यू. साइन किया। इसके अतिरिक्त नालेज शेयरिंग के लिए भी विभिन्न कंपनी से एम.ओ.यू. किये गए।

कार्यशाला में सिक्युरिटी सेक्टर स्किल काउंसिल के सीईओ से.नि.मेजर जनरल अशोक कुमार सखूजा ने बताया कि भारत में 4.7 और कोरिया में 96 प्रतिशत लोग स्किल्ड हैं। उन्होंने बताया कि सिक्योरिटी गार्ड के लिए कोर्स डिजायन किया गया है। श्री सखूजा ने कहा कि सिक्योरिटी कोर्सेस के लिए विश्वविद्यालय खोला जाना चाहिए। डोमेस्टिक वर्कर सेक्टर स्किल काउंसिल के सीईओ से.नि. मेजर जनरल मानिक सभरवाल ने भी संबोधित किया।

पेनल डिस्कशन में विषय-विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण सुझाव दिये। आभार अपर संचालक कौशल विकास श्री जी.एन. अग्रवाल ने माना।