जवान के आरोपों के बाद BSF के आईजी डीके उपाध्याय ने मंगलवार को जम्मू में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि हमारे लिए यह एक संवेदनशील मुद्दा है और इस बारे में जांच के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने ये भी कहा कि जांच के बाद जो भी सामने आएगा उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

आईजी ने कहा कि मैं यह मान सकता हूं कि ठंड की वजह से खाने का टेस्ट अच्छा न हो लेकिन आमतौर पर जवानों को इससे शिकायत नहीं होती है। अभी फिलहाल मैं इस मुद्दे पर कोई कमेंट नहीं करुंगा। जांच चल रही है अगर कोई खामी पाई जाती है तो सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बीएसएफ आईजी ने कहा कि तेज बहादुर यादव के खिलाफ अतीत में अनुशासनहीनता के आरोप हैं, उसका कोर्ट मार्शल किया जा चुका है। आरोपी जवान अपने से सीनियर अधिकारियों पर गन तान देता था। इसलिए इसे हेडक्वॉर्टर में रखा गया था। हमने उसकी पत्नी और बच्चों का खयाल करते हुए तेज बहादुर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की थी।

आईजी ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि मुझे अच्छा लगता अगर वह फेसबुक पर वीडियो पोस्ट करने की बजाय हमसे शिकायत करता। हमने जब भी खाने के बारे में फीडबैक लिया तो जवानों की ओर से खाने को लेकर कोई शिकायत नहीं मिली है। आईजी ने बताया कि एक अधिकारी को भी जांच के लिए भेजा जा चुका है। उधर तेज बहादुर यादव को दूसरे मुख्यालय में भेज दिया गया है। जिस उसके उपर दबाव ना बनाया जा सके और जांच निषप्क्ष रुप से हो सके।

वहीं बीएसएफ आईजी ने ड्यूटी के दौरान तेज बहादुर के मोबाइल के उपयोग पर भी सवाल उठाए हैं। नियमों के मुताबिक ड्यूटी के दौरान जवानों को मोबाइल फोन इस्तेमाल करना मना है। तेज बहादुर ने ऐसा कैसे किया, इसकी भी जांच होगी।