नई दिल्ली। 8 नवंबर से लागू हुई नोटबंदी की मार ऑटोमोबाइल क्षेत्र पर भी पड़ी है। इस सेक्टर में 16 साल में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली है। घरेलू बाजार में यात्री वाहनों की बिक्री दिसंबर महीने में 1.36 प्रतिशत घटकर 2,27,824 वाहन रही। एक साल पहले इसी महीने में 2,30,959 यात्री वाहन बेचे गए थे। घरेलू बाजार में कारों की बिक्री दिसंबर में 8.14 प्रतिशत घटकर 1,58,617 वाहन रही।

दिसंबर 2015 में 1,72,671 कारों की बिक्री घरेलू बाजार में हुई थी। वाहन विनिर्माताओं के संगठन ‘सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चर्स (SIAM) की ओर से जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। दिसंबर 2016 में मोटरसाइकिलों की बिक्री भी 22.5 प्रतिशत घटकर 5,61,690 इकाई रही जबकि एक साल पहले इसी माह में 7,24,795 मोटरसाइकिलें बेची गईं थीं।

अगर सभी तरह के दोपहिया वाहनों की बात की जाए तो दिसंबर में इनकी बिक्री 22.04 प्रतिशत घटकर 9,10,235 इकाई रही, जबकि एक साल पहले इसी महीने में 11,67,621 दुपहिया वाहनों की बिक्री हुई थी। दिसंबर में वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री भी 5.06 प्रतिशत कम होकर 53,966 इकाई रही। एक साल पहले दिसंबर में 56,840 वाणिज्यिक वाहन बेचे गए थे।

कुल मिलाकर दिसंबर माह में सभी तरह के वाहनों की बिक्री में 18.66 प्रतिशत की कमी आई और यह 12,21,929 रही, जबकि दिसंबर 2015 में कुल मिलाकर 15,02,314 वाहन बेचे गए थे। दिसंबर 2000 के बाद ये सबसे ज्यादा गिरावट है जब सेल्स में 21.81 फीसदी की रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई थी। सियाम के निदेशक विष्णु माथुर ने बताया कि नोटबंदी के चलते नेगेटिव कंज्यूमर सेंटिमेंट के कारण इतनी गिरावट आई।