500 करोड़ रुपए के हवाला कारोबार की जांच कर रहे मध्य प्रदेश के कटनी शहर के एसपी गौरव तिवारी के तबादले का विरोध शुरू हो गया है. हजारों की संख्या में स्थानीय लोगों ने सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया.

शिवराज सरकार ने सोमवार देर शाम को आदेश जारी कर कटनी एसपी गौरव तिवारी का छिंदवाड़ा ट्रांसफर कर दिया. एसपी के तबादले की जानकारी कटनी पहुंचते ही शहर के लोगों में खासा आक्रोश फैल गया, जिसके बाद विरोध प्रदर्शन की तैयारियां शुरू हो गई थीं. तबादले के विरोध में बकायदा सोशल मीडिया पर कैंपेन चलाया गया था.

हजारों लोग सड़कों पर उतरे

मंगलवार सुबह तय समय पर हजारों की संख्या में स्थानीय लोग सुभाष चौक पर जमा हुए. इस दौरान एसपी के तबादले का विरोध करते हुए सरकार से मांग की गई कि हवाला मामले की जांच तक उन्हें कटनी में ही पदस्थ रखा जाए.

दरअसल, गौरव तिवारी अपनी कार्यशैली के चलते कटनी में खासे लोकप्रिय हैं. उन्होंने छह महीने के अपने कार्यकाल में 500 करोड़ के हवाला रैकेट में शामिल रसूखदारों पर शिकंजा कसना शुरू किया था.

स्थानीय लोगों कहना है कि एसपी की यह कार्रवाई रसूखदारों को रास नहीं आ रही थी. तबादले का विरोध कर रहे लोगों का आरोप है कि हवाला कांड के आरोपियों को बचाने के लिए ही ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ आईपीएस अफसर का तबादला किया गया है.

पीएम को लिखी चिट्ठी

स्थानीय लोगों ने पुलिस अधीक्षक तिवारी के तबादले के विरोध में प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी के नाम खत लिखा है.

प्रधानमंत्री को भेजे गए खत में कहा गया है कि तिवारी ने जब से कटनी के पुलिस अधीक्षक के तौर पर जिम्मेदारी संभाली थी, तब से यहां अपराध पर अंकुश लग गया था और गलत काम करने वालों की नींद उड़ गई थी, मगर राजनीतिक दवाब में तिवारी का ही तबादला कर दिया गया है.