नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर में तैनात बीएसएफ के एक जवान का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है. वीडियो में बीएसएफ जवान दावा कर रहा है कि वह सीमा पर मुश्किल हालात में ड्यूटी कर रहा है. वीडियो में दिख रहा शख्‍स खुद को तेज बहादुर यादव, बीएसएफ की 29वीं बटालियन का सदस्‍य बताता है.

जवान बड़े सैन्य अधिकारियों से खासा नाराज दिखाई दे रहा है. उसका आरोप है कि यहां पर जवानों को ठीक से खाना नसीब नहीं हो रहा है और कई बार उन्हें भूखा सोना पड़ता है. वहीं, वीडियो के वायरल होने के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी रिपोर्ट तलब की है. सिंह ने होम सेक्रेटरी से कहा गया है कि वो बीएसएफ से फौरन रिपोर्ट तलब करें.

गृहमंत्री ने इस संबंध में ट्वीट भी किया जिसमें कहा है, "मैंने बीएसएफ जवान की दशा का वीडियो देखा है. मैंने गृह सचिव को तत्काल बीएसएफ से रिपोर्ट तलब करने और उचित कार्रवाई करने के लिए कहा है."

 

पढ़ें वीडियो में जवान क्या कह रहा है....
"देशवासियों मैं आपसे एक अनुरोध करना चाहता हूं. हम लोग सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक, लगातार 11 घंटे इस बर्फ में खड़े होकर ड्यूटी करते हैं. कितना भी बर्फ हो, बारिश हो, तूफान हो, इन्‍हीं हालातों में हम ड्यूटी कर रहे हैं. फोटो में हम आपको बहुत अच्‍छे लग रहे होंगे मगर हमारी क्‍या सिचुएशन हैं, ये न मीडिया दिखाता है, न मिनिस्‍टर सुनता है. कोई भी सरकार आईं, हमारे हालात वहीं हैं. मैं इस के बाद तीन वीडियो भेजूंगा जिसको मैं चाहता हूं कि आप दिखाएं कि हमारे अधिकारी हमारे साथ कितना अत्‍याचार व अन्‍याय करते हैं."

 

जवानों को भूखे पेट सोना पड़ता है...
यादव वीडियो में यह भी दावा करता है, "हम किसी सरकार के खिलाफ आरोप नहीं लगाना चाहते. क्‍योंकि सरकार हर चीज, हर सामान हमको देती है. मगर उच्‍च अधिकारी सब बेचकर खा जाते हैं, हमारे को कुछ नहीं मिलता. कई बार तो जवानों को भूखे पेट सोना पड़ता है. मैं आपको नाश्‍ता दिखाऊंगा जिसमें सिर्फ एक पराठा और चाय मिलता है, उसके साथ अचार नहीं होता. दोपहर के खाने की दाल में सिर्फ हल्‍दी और नमक होता है, रोटियां भी दिखाऊंगा. मैं फिर कहता हूं कि भारत सरकार हमें सब मुहैया कराती है, स्‍टोर भरे पड़े हैं मगर वह सब बाजार में चला जाता है. इसकी जांच होनी चाहिए."

 

पीएम नरेंद्र मोदी से की अपील... 
यादव कहता है, "मैं प्रधानमंत्री से कहना चाहता हूं कि इसकी जांच कराएं. दोस्‍तों यह वीडियो डालने के बाद शायद मैं रहूं या न रहूं. अधिकारियों के बहुत बड़े हाथ हैं. वो मेरे साथ कुछ भी कर सकते हैं, कुछ भी हो सकता है."