बॉलीवुड में रितिक रोशन एक ऐसे अभिनेता के तौर पर शुमार किये जाते है जिन्होंने न सिर्फ रूमानी भूमिकाओं से बल्कि अपनी माचोमैन छवि से भी दर्शकों को अपना दीवाना बनाया है।
         
10 जनवरी 1974 को मुंबई में जन्में रितिक रोशन को अभिनय की कला विरासत में मिली। रितिक के पिता राकेश रोशन जानेमाने फिल्मकार और अभिनेता हैं जबकि उनके दादा रोशन ने संगीत के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। रितिक रोशन ने बतौर बाल कलाकार 'आशा', 'आपके दीवाने', 'आसपास' और 'भगवान दादा' जैसी फिल्मों में काम किया। उन्होंने फिल्म 'भगवान दादा' में बाल कलाकार के रूप में भी फाइटिंग सीन किया था। 

रितिक को पहली बार फिल्म 'आशा' में डांस करने के लिए 100 रुपए मिले थे, इस फिल्म में रितिक ने जितेंद्र के साथ डांस किया था। 

रितिक के जन्मदिन पर जानते हैं उनसे जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें

पापा राकेश रोशन ने किया पहली बार कास्ट

रितिक रोशन ने बतौर अभिनेता अपने करियर की शुरूआत साल 2000 में अपने पिता राकेश रोशन के बैनर तले बनी रोमांटिक फिल्म 'कहो ना प्यार है' से की। इस फिल्म में रितिक और अमीषा पटेल की जोड़ी को दर्शकों ने बेहद पसंद
किया गया। इस फिल्म में रितिक ने दोहरी भूमिका निभायी थी। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई। अपनी पहली ही फिल्म के लिये रितिक को बेस्ट एक्टर का फिल्म फेयर पुरस्कार मिला।

साल 2000 में ही रितिक की 'फिज़ा' और 'मिशन कश्मीर' जैसी फिल्में आई। दोनो ही फिल्मों में रितिक ने अपनी रूमानी छवि में बदलाव लाते हुए संजीदा अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया। 'फिजा' के लिए रितिक को बेस्ट हीरो के फिल्मफेयर पुरस्कार के लिये नॉमिनेट भी किया गया।

 

रितिक को भले ही उनके पिता राकेश रोशन ने पहली बार फिल्मों में कास्ट किया, मगर राकेश उन्हें फिल्मों में नहीं बल्कि पढ़ाई के क्षेत्र में आगे बढ़ाना चाहते थे। रितिक को भी पढ़ने का बहुत शौक है। वह अकसर समय मिलने पर किताबें पढ़ने लगते हैं। रितिक को हर तरह की किताबें पढ़ने का शौक है। 

रोशन नहीं है असली सरनेम

रितिक रोशन का ओरिजनल सरनेम 'रोशन' नहीं बल्कि 'नागरथ' है।

 

निक नेम 'डुग्गू' के पीछे है दिलचस्प कहानी 

रितिक के घर का नाम डुग्गु  है। उनके इस नाम के पीछे भी एक दिलचस्प कहानी है। दरअसल, रितिक की दादी चाहती थीं कि रितिक का नाम उनके पापा के नाम से मिलत-जुलता हो। रितिक के पापा राकेश रोशन का घर का नाम गुड्डू है, बस इसी से मिलता-जुलता नाम डुग्गू रखा गया।

'कोयला' और 'करण अर्जून' में निभाई थी भूमिका 

फिल्मों में एंट्री के पहले रितिक अपने पापा को असिस्ट भी करते थे। उन्होंने 'कोयला' और 'करण अर्जून' में अपने पापा को असिस्ट किया था।

 

'कोई मिल गया' से जीता सबका दिल

साल 2001 में रितिक रोशन को सुभाष घई की फिल्म 'यादें' में काम करने का मौका मिला लेकिन कमजोर पटकथा के कारण उन्होंने फिल्म करने से मना कर दिया। उसी साल आई करण जौहर की फिल्म 'कभी खुशी कभी गम' के लिए रितिक रोशन को बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर के फिल्मफेयर पुरस्कार के लिये नामांकित किया गया।
                
साल 2003 में रितिक रोशन को एक बार फिर से अपने पिता की फिल्म 'कोई मिल गया' में काम करने का मौका मिला। सांइस नैचुरल थ्रिलर इस फिल्म में रितिक रोशन ने अपने दमदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया। इस फिल्म के लिये रितिक को दूसरी बार बेस्ट एक्टर का फिल्मफेयर पुरस्कार दिया गया।

 

'धूम 2' में नेगेटिव रोल से भी जीता सबका दिल

साल 2006 रितिक रोशन के करियर का अहम वर्ष साबित हुआ। इस साल उनकी 'धूम 2' और 'क्रिश' जैसी सुपरहिट फिल्में प्रदर्शित हुई। यश राज बैनर तले बनी 'धूम' के सीक्वल 'धूम 2' में रितिक रोशन ने नेगेटिव किरदार निभाकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया वहीं 'कोई मिल गया' के सीक्वल 'क्रिश' में रितिक रोशन ने सुपरहीरो का किरदार निभाकर दर्शकों का दिल जीत लिया।
              
साल 2012 में रितिक रोशन की फिल्म 'अग्निपथ' प्रदर्शित हुई। यह फिल्म वर्ष 1990 में प्रदर्शित अमिताभ बच्चन की फिल्म 'अग्निपथ' की रिमेक थी। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई।

 

रितिक की फिल्म 'क्रिश 3' ने उन्हें बच्चों के लिए बना दिया सुपरहीरो

साल 2013 में आई फिल्म 'क्रिश 3' को रितिक रोशन के करियर की कामयाब फिल्म के तौर पर देखा जा सकता है। इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 240 करोड़ रुपये की कमाई की है। साल 2014 में रितिक की फिल्म 'बैंग बैग' ने 180 करोड़ की शानदार कमाई की। रितिक की पिछले साल आई 'मोहनजोदाड़ो' फिल्म प्रदर्शित हुई। 

आशुतोष गोवारिकर के निदेर्शन में बनी यह फिल्म सिंधु घाटी सभ्यता पर आधारित है। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कोई कमाल नहीं दिखा सकी। रितिक की फिल्म 'काबिल' 25 जनवरी को रिलीज होने जा रही है।

 

किताब पढ़कर छोड़ी सिगरेट

रितिक रोशन अब सिगरेट नहीं पीते। उन्होंने एक बार एक किताब पढ़ी जिसके बाद से उन्होंने सिगरेट पीना छोड़ दिया। वह किताब उन्होंने अपने बॉलीवुड के कई दोस्तों को भी दी।