पिछली सरकारों में रेवड़ी के तौर पर इस्तेमाल होता था रेल मंत्रालय: पीएम मोदी

 

गांधीनगर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को गुजरात के गांधीनगर में कहा कि पिछली सरकारों में रेलवे का इस्तेमाल रेवड़ी के तौर पर सरकार बनाने के लिए किया जाता था। गांधीनगर रेलवे स्टेशन के पुनर्निर्माण कार्य के भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होने आए पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार रेलवे के जरिए आम लोगों की जिंदगी में बदलाव लाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि रेलवे की गति बढ़ाने के लिए मिशन मोड पर काम किया जा रहा है।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, 'पिछली सरकारों ने रेलवे को उसके नसीब पर छोड़ दिया था। एक समय में रेल मंत्रालय, सरकार बनाने के लिए रेवड़ी बांटने के काम आता था। इस सरकार ने रेलवे को प्राथमिकता दी है। रेलवे का विस्तार हो, विकास हो और रेलवे आधुनिक बने। पिछले ढाई साल के रेलवे के कामकाज को देखिए, पहले की तुलना में बजट दोगुना कर दिया गया है।'

रेलवे में सुधार के लिए उठाए जा रहे कदमों का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि आजाद हिंदुस्तान में सबसे बड़ा एफडीआई रेलवे में आया है। उन्होंने कहा, 'रेलवे में आधुनिकिकरण और सफाई से लेकर हर चीज पर काम किया जा रहा है, बहुत बड़ा खर्च आया है। अभी लाभ न दिखे, लेकिन लंबे समय में यह बहुत लाभदायक होगा। रेल की गति बढ़ाने के लिए मिशन मोड में काम चल रहा है। रेल यात्राओं के दौरान यात्रियों की सुरक्षा पर भी काम हो रहा है।' प्रधानमंत्री ने देश में माल ढुलाई का काम ज्यादा से ज्यादा रेलवे के माध्यम से कराए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, 'दुनिया में 70 फीसदी माल ढुलाई रेल से होती है, लेकिन हम अकेले ऐसे हैं जहां 15 फीसदी सामान ही रेल से ट्रांसपॉर्ट होता है। माल ढुलाई में रेलवे की भागीदारी बढ़ाने के क्षेत्र में भी काम हो रहा है। एक-एक चीज को बारीकी से देखकर बदलाव की दिशा में काम किया जा रहा है।'

डिजिटल इंडिया का जिक्र करते हुए मोदी ने कार्यक्रम में मौजूद रेल मंत्री सुरेश प्रभु की पीठ भी थपथपाई। उन्होंने कहा, 'सुरेश प्रभु जी ने स्टेशनों पर वाई-फाई की सुविधा दी है। रेलवे स्टेशन पर वाई-फाई की जो कपैसिटी है, वह दुनिया में सबसे ज्यादा है। भारतीय रेलवे में 60-70 फीसदी लोग ऑन लाइन टिकट खरीदते हैं।' प्रधानमंत्री ने कहा कि कई छात्र स्टेशनों के वाई-फाई की मदद से पढ़ाई भी कर रहे हैं।

मोदी ने रेल मंत्रालय को सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा, 'रेलवे के पास बहुत जगह है। ऐसा किया जा सकता है कि नीचे रेल चलती रहे और ऊपर मार्किट या मॉल जैसी जगह बना दी जाए।