नई दिल्ली: भारत-इंग्लैंड के बीच 15 जनवरी से तीन वनडे मैचों की सीरीज शुरु होने वाली है। महेंद्र सिंह धोनी द्वारा टीम की कप्तानी से इस्तीफा देने के बाद विराट कोहली के हाथों कमान होगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि विराट कप्तान के रुप में खुद को कैसे ढालते हैं। टीम के तीनों फॉरमेट की कप्तानी की जिम्मेदागी विराट के कंधों पर है। वहीं धोनी बगैर कप्तानी टीम के में उतरेंगे। सीरीज में क्रिकेट फैंस को काफी रोमांच देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं इस मैच में होंने वाली पांच बड़ी बातें जो मुकाबले को बनाती हैं खास...

1. तीनों प्रारूपों में विराट करेंगे कप्तानी
महेंद्र सिंह धोनी द्वारा टीम की कप्तानी छोडऩे के बाद अब विराट कोहली के कंधों पर टीम की जिम्मेदारी होगी। कोहली भारत के तीनों प्रारूपों के कप्तान बन चुके हैं। इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में जब कोहली टीम की कमान संभालेंगे तो वह पहली बार तीनों प्रारूपों में भारतीय टीम की बागडोर अपने हाथ में रखेंगे। विराट कोहली को टेस्ट कप्तानी पहले ही मिल चुकी थी। लेकिन वनडे और टी20 टीम की कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ही थे। टेस्ट में तो कोहली के नेतृत्व में टीम ने बेहतरीन खेल दिखाया है और अब देखना ये होगा कि वनडे और टी20 में भी टेस्ट की ही तरह कोहली की विराट चाणक्य नीति टीम के लिए फायदेमंद ठीक बैठेगी या नहीं।

2. पहली बार बतौर खिलाड़ी खेलेंगे महेंद्र सिंह धोनी
धोनी कप्तानी छोडऩे के बाद पहली बार बतौर खिलाड़ी टीम का हिस्सा होंगे। धोनी ने हाल में सीमित ओवरों की कप्तानी छोड़ी है। लेकिन उन्होंने खुद को चयन के लिए उपलब्ध रखा था जिसके बाद चयनकर्ताओं ने उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ वनडे और टी20 टीम में चुन लिया था। धोनी ने भारत के लिए 199 वनडे मैचों में कप्तानी की है जिसमें भारत को 110 में जीत तो 74 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। साथ ही 4 मैच टाई रहे हैं वहीं 11 मैचों का कोई परिणाम नहीं निकल सका है। वहीं धोनी ने भारत के लिए 72 टी20 मैचों में कप्तानी की है जिनमें भारत को 41 में जीत, 28 में हार मिली है। 

3. 3 साल बाद वनडे टीम में शामिल हुए युवी
पिछले 3 साल तक वनडे मैचों से बाहर रहे युवराज सिंह को चयनकर्ताओं ने टीम में शामिल किया है। युवराज जब इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में उतरेंगे तो वह लगभग 3 साल बाद भारतीय वनडे टीम में दोबारा खेलने का गौरव प्राप्त करेंगे। युवराज सिंह ने आखिरी वनडे अंतरराष्ट्रीय साल 2013 में 11 दिसंबर को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला था जिसमें उन्हें बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला था। इंग्लैंड के खिलाफ युवराज ने 34 मैचों की 33 पारियों में 48 की औसत के साथ 1,313 रन बनाए हैं। साथ ही युवराज ने इस दौरान इंग्लैंड के खिलाफ 7 अर्धशतक और 3 शतक लगाए हैं। 

4. हार का सिलसिला तोडऩा चाहेगा भारत
भारतीय टीम ने 5 टेस्ट मैचों की सीरीज में भले ही इंग्लैंड को 4-0 से हरा दिया हो लेकिन भारत पिछले तीन वनडे मैचों से इंग्लैंड को हरा नहीं पाया है। इंग्लैंड की मेजबानी में खेली गई वनडे सीरीज में इंग्लैंड ने भारत को आखिरी मैच में हराया था और यह सिलसिला ऑस्ट्रेलिया में खेली गई त्रिकोणीय सीरीज तक जारी रहा। त्रिकोणीय सीरीज में भारत को इंग्लैंड ने दोनों मैचों में हराया। इस लिहाज से भारत पहले वनडे को जीतकर इंग्लैंड के खिलाफ हार के सिलसिले को तोडऩे की पूरी कोशिश करेगा।

5. 3 साल बाद आसमे-सामने होंगे युवी-धोनी
युवराज सिंह और एमएस धोनी लगभग तीन साल बाद फिर से भारतीय टीम में एक साथ खेलते नजर आएंगे। धोनी और युवराज ने मिलकर भारत को कई ऐतिहासिक और यादगार मैच जिताए हैं। लेकिन साल 2013 में युवराज के टीम से बाहर होने के बाद दोनों एक साथ भारत के लिए नहीं खेल पाए। लेकिन अब जबकि युवराज सिंह को इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए चुन लिया गया तो एक बार फिर से भारत के लिए युवराज और धोनी साथ खेलते नजर आएंगे। साफ है एक बार फिर से दोनों के प्रशंसकों के लिए काफी यादगार लम्हा होगा और वो इसे किसी भी कीमत पर इसे गंवाना नहीं चाहेंगे।