कहते हैं ना प्रतिभा किसी उम्र की मोहताज नहीं होती. महाराष्ट्र के पुणे के रहने वाले 6 साल के एक बच्चे ने इस लाइन को सच कर दिखाया है. हम बात कर रहे हैं अद्वैत भारतीय की जिसने केवल 12 दिनों में माउंट एवरेस्ट के बेस कैंप की चढ़ाई कर डाली.

अद्वैत ने सबसे कम उम्र में दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट के बेस कैंप तक पहुंचने का रिकॉर्ड अपने नाम किया है. अद्वैत सर्दियों के मौसम में ऐसा करने वाला पहला भारतीय भी बन गया है. आपको बता दें कि बेस कैंप समुद्र स्तर से 17,593 फीट ऊपर स्थित है.

यहां का तापमान 0 से-12 डिग्री तक का होता है. ऑक्सीजन की मात्रा कम होने से सांस लेने में दिक्कत होती है. हर एक कदम आगे बढ़ाना मानो सजा सा लगता है. लेकिन अदवैत ने अपनी मां पायल के साथ मिलकर दुनिया की सबसे ऊंची चोटी खुम्भू आईस फॉल पर पहुंचने में सफलता पा ली.

अदवैत की मां पायल भी ट्रैकर हैं. अद्वैत और उसकी मां पायल ने 22 अक्टूबर को हिमालय की वादियों में बहने वाली दूधखोसी नदी से अपना सफर शुरु किया था. रास्ते भर आई तमाम मुश्किलों के बाद भी मां और बेटे दोनों ने 3 नंवबर को अपनी मंजिल पा ली.

एक अखबार से बात करते हुए अद्वैत की मां पायल ने बताया कि मैं कैंप में अकेले जाना चाहती थी, पर अद्वैत साथ चलने की ज़िद करने लगा. फिर मैंने उससे कहा कि मैं उसे ले जाऊंगी, पर उसे इसके लिए ट्रेन्ड होना पड़ेगा. वो झट से मेरी बात मान गया और ट्रेनिंग के लिए तैयार हो गया. एक महीने तक ट्रेनिंग चलती रही जिसमें हर रोज़ 100 फ्लोर्स चढ़ने होते थे. इस सफलता के बाद अद्वैत का कहना है कि, 'अब मैं माउंट किलिमंजारो पर चढ़ना चाहता हूं.'