मध्य प्रदेश के बैतूल के अजाक थाना डीएसपी चौधरी मदन मोहन का 72 घंटे पहले लापता हुआ 12 साल का पालतू तोता टुन्नू आखिरकार शहर के नजदीक रोंढ़ा गांव में मिल गया. डीएसपी ने तोते की गुमशुदगी के बारे में अखबार में विज्ञापन देकर उसका पता बताने वाले को 5100 रुपए का इनाम देने का एलान किया था.

इस खास तोते के लापता होने से लेकर वापस मिलने की पूरी कहानी बेहद फिल्मी है. लापता होने के बाद इस तोते को किसी ने जबरदस्ती कैद करके पिंजरे में डाल दिया था. बस स्टैंड इलाके से मिली एक पान व्यवसाई की सूचना पर डीएसपी चौधरी रोंढ़ा गांव पहुंचे जहां एक ऑटो चालक के घर पर टुन्नू पिंजरे में कैद मिला. ऑटो चालक ने बिना किसी विरोध के तोता डीएसपी को सौंप दिया.

डीएसपी ने अपने इस प्यारे तोते को पिंजरे से आजाद किया और वापस अपने साथ बैतूल ले आए. एक बार फिर ये प्यारा सा आजाद परिंदा अपने परिवार के बीच उड़ान भर रहा है और काफी खुश है.

डीएसपी ने मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि वह अपने प्यारे तोते के गुम होने से बेहद आहत थे. अब उसके मिलने पर परिवार में दोबार खुशियां लौट आई हैं.

उन्होंने बताया कि टुन्नू के गुम होने पर उनकी पत्नी सरिता ने बालाजीपुरम मंदिर में मन्नत मांगी थी. टुन्नू के मिलने पर वो शनिवार सुबह मंदिर में 108 परिक्रमा पूरी करके आई. परिक्रमा का यह दायरा करीब 10 किलोमीटर के बराबर होता है.

टुन्नू नाम का ये खास तोता अपने अलग अंदाज के लिये बैतूल में किसी सेलिब्रटी की तरह मशहूर है. ये दाल-रोटी खाने से लेकर, नहाने, घूमने और बातें समझने की काबिलियत के चलते पूरे पुलिस महकमें का लाड़ला है.

सबसे खास बात ये है कि टुन्नू कभी भी पिंजरे में नहीं रहता और वो कहीं भी हो शाम को अपने घर यानि डीएसपी चौधरी के घर वापस आ जाता है.

तीन दिन से अजाक डीएसपी चौधरी मदन मोहन का परिवार अपने इस प्यारे तोते की दिन रात तलाश कर रहा था. इस दौरान इन्होंने टुन्नू को ढ़ूंढ़ने वाले को पांच हजार का नगद इनाम देने की घोषणा भी की थी जो अब टुन्नू की सूचना देने वाले पान व्यवसाई को दिया जाएगा.