ज्योतिषशास्त्रियों का मानना है की प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में सौरमंडल के विभिन्न ग्रह अपना प्रभाव डालते हैं। ग्रहों के शुभ-अशुभ होने से व्यक्ति के जीवन में अनुकुल व प्रतिकुल वक्त आता है। क्या आप जानते हैं रसोई घर में बने भोजन के द्वारा भी ग्रहों को खुश किया जा सकता है। प्रतिदिन सभी के घर में भोजन बनता है यदि भोजन पकाते समय दिन वार के अनुसार भोजन बनाया जाए तो नवग्रह की कृपा पाने का यह सरलतम माध्यम है। ग्रहों की अनुकनलता के अनुसार ही रसोई घर में भोजन पकाएं-

* रविवार को चने।

 

* सोमवार को खीर अथवा दूध से बना कोई भी पदार्थ।

 

* मंगलवार को चूरमा अथवा हलवा।

 

* बुधवार को हरी सब्जी या दाल।

 

* गुरूवार को चने की दाल अथवा बेसन से बनी कोई भी वस्तु।

 

* शुक्रवार को मीठा दही। 

 

* शनिवार को उड़द अथवा तेल से बनें पदार्थ।


ऋषि-मुनियों ने ग्रह दोष निवारण के अनेक उपाय बताए हैं, आप भी आजमाएं


* यदि सूर्य कुप्रभाव दे रहा है तो अपने वजन के बराबर गेहूं किसी रविवार को बहती नदी में बहा देना चाहिए अथवा गुड़ बहते पानी में बहा देना हितकर है। सूर्य के कुप्रभाव को दूर करने के लिए बेलपत्र की जड़ गुलाबी धागे में रविवार को धारण करना लाभप्रद है।

 

* यदि चंद्र बुरे प्रभाव का हो तो सोमवार को चांदी का दान किया जाए। यदि यह नहीं हो पाता तो सोमवार के दिन खिरनी की जड़ धारण करें।

 

* मंगल मंदा हो और अच्छा फल न दे रहा हो तो मीठी रोटियां जानवरों को खिलाएं। मंगलवार के दिन मीठा भोजन दान करें या बतासा नदी में बहाएं या अनंतमूल की जड़ लाल डोरे में मंगलवार को धारण करें।

 

* यदि बुध मंदा है तो साबुत मूंग बुधवार को नदी या बहते पानी में बहाएं या विधारा की जड़ हरे धागे में बुधवार को धारण करें।

 

* यदि बृहस्पति ग्रह कुफल दे रहा है तो गुरुवार को नाभि या जिह्वा पर केसर लगाएं अथवा केसर का भोजन में सेवन करें अथवा नारंगी या केले की जड़ पीले धागे में वीरवार को धारण करें।

 

* यदि शुक्र अशुभ फल दे रहा हो तो गाय का दान अथवा पशु आहार का दान करें, पशु आहार को नदी में बहाएं या सरपोंखा की जड़ सफेद धागे में शुक्रवार को धारण करें। 

 

* यदि शनि दोष है तो काला उड़द शनिवार को नदी में बहाएं या शनिवार को तेल का दान करें।

 

* यदि राहु मंदा है दोषयुक्त है तो वीरवार को मूलियां दान करें अथवा शनिवार के दिन कच्चे कोयले नदी में प्रवाहित करें या नीले डोरे में सफेद चंदन बुधवार को धारण करें।

 

* केतू के प्रतिकूल होने पर कुत्ते को रोटी दें अथवा अश्वगंधा की जड़ आसमानी रंग के धागे में वीरवार को धारण करें।