नई दिल्लीः आपकी जेब पर एक बार फिर महंगाई की गाज गिर सकती है। हाल ही में हुई पैट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ौतरी इस साल भी रहने की आशंका है, जिससे आपको  पैट्रोल-डीजल की खरीद पर ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि विश्व के सबसे बड़े तेल निर्यातक सऊदी अरब और इराक जो कि पूरी दुनिया को 40 फीसदी तेल की आपूर्ति करते हैं, ने संकेत दिए हैं कि वो पूरी दुनिया को मिल रहे सस्ते तेल (पैट्रोल और डीजल) की सुविधा को अब खत्म करने की दिशा में जल्द कोई बड़ा कदम उठा सकते हैं।

कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा
दिसंबर से लेकर के अभी तक पैट्रोल के दामों में तीन बार और डीजल के दाम में दो बार बढ़ौतरी हो चुकी है। नए साल की शुरूआत भी पैट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ौतरी के साथ हुई थी। तब पैट्रोल के दाम में 1 रुपए 29 पैसे प्रति लीटर और डीजल के दाम में 0.97 पैसे प्रति लीटर बढ़ाए गए थे। ओपेक देशों द्वारा कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ौतरी करने के कारण इस साल पैट्रोल-डीजल के दाम काफी ज्यादा बढ़ सकते हैं।

लगाया गया प्रीमियम सरचार्ज
भारत को 40 फीसदी कच्चा तेल एक्सपोर्ट करने वाले इराक और साउदी अरब ने एशियाई देशों और यूएस में आपूर्ति करने पर प्रीमियम सरचार्ज लगा दिया है। इससे कच्चे तेल को खरीदने के लिए भारत को ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे। डॉलर की गिरती कीमत से भी अर्थव्यवस्था पर काफी बोझ पड़ने की उम्मीद है। भारत इन दोनों देशों से करीब 80 फीसदी तेल इंपोर्ट करता है।