नई दिल्लीः नोटबंदी के बाद बैंकों में आई भारी रकम से लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए मोदी सरकार ने एक बड़ा ऐलान किया है। सरकार ने ‘ठिकाना नहीं बल्कि घर’ के लक्ष्य पर आगे बढ़ते हुए हर किसी के खाते में 1.3 से 1.5 लाख रुपए जमा कराने की बात कही है।

इसी के साथ केंद्र सरकार ने सोमवार को अपने इस लक्ष्य पर कहा कि इससे अगले वित्त वर्ष में 44 लाख लोगों को छत मिल सकेगी बल्कि उन्हें एलपीजी, बिजली और पानी के कनेक्शन भी उपलब्ध होंगे।

खाते में ट्रांसफर होगी 1.3 से 1.5 लाख रुपए तक की रकम
- प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत केंद्र सरकार मैदानी और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लाभार्थियों के खातों में सीधे क्रमश: 1.30 लाख और 1.50 लाख रुपए स्थानांतरित करेगी।
- इसके अलावा सभी लाभार्थियों को शौचालय के निर्माण के लिए 12,000 रुपए अतिरिक्त उपलब्ध कराए जाएंगे।
- मनरेगा के तहत अपने घर के निर्माण के लिए 90 दिन का रोजगार भी दिया जाएगा। यह राशि 18,000 रुपए बैठेगी।
- अगले साल के लिए लक्ष्य 33 लाख लाभार्थियों को घर देने का था, इसे अब बढ़ाकर 44 लाख कर दिया गया है।
- प्रधानमंत्री की दिशा इस मामले में स्पष्ट है- लोगों को बेहतर जीवन मिलना चाहिए। उन्हें ठिकाना नहीं घर मिलना चाहिए।
- सरकार का व्यापक लक्ष्य उन लोगों को घर देना है जो बेघर हैं। वहीं, कच्चे मकानों में रहने वालों को कंक्रीट का घर देना है।
- केंद्र ने राज्यों से ऐसे लाभार्थियों को जमीन हस्तातंरण करने को कहा है जो बेघर हैं।
- एक अनुमान के अनुसार इन मकानों का जिन लोगों के लिए निर्माण किया जा रहा है उनमें से 60 फीसदी अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से हैं।