जगदलपुर के रहने वाले एक छात्र के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से मिला एक लाख का इनाम मुसीबत बन गया है. नोटबंदी के चलते बने नए नियमों के कारण छात्र इनाम की राशि के चेक को बैंक में जमा नहीं करवा पा रहा है और पढाई छोड़कर पिछले एक सप्ताह से बैंक के चक्कर काट रहा है.

जगदलपुर से करीब बारह किलोमीटर दूर आडावल के ग्राम हल्वाकचोरा में रहने वाले छात्र गौरव देवांगन ने 12वीं की परीक्षा में राज्य में तीसरा स्थान प्राप्त कर पूरे प्रदेश और अंचल को गौरवान्वित किया था. इसके लिए राज्य सरकार की ओर से गौरव को इनाम स्वरूप एक लाख दस हजार रुपए की राशि का चेक दिया गया था. लेकिन गौरव को मिला ये इनाम की राशि का चेक उसके लिए अब मुसीबत बन गया है.

गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाला गौरव अपनी उच्च शिक्षा के लिए मिली इनाम की राशि को आगे होने वाली पढ़ाई के लिए खर्च करना चाहता है. लेकिन नोटबंदी के बाद बैंकों में उमड़ रही भारी भीड़ के कारण वह चेक जमा नहीं होने से परेशान है और हर दिन बैंक के चक्कर लगा रहा है.

 

जब गौरव से चर्चा की तो पता चला कि गौरव ने पढ़ाई के लिए मिलने वाली स्कॉलरशिप के लिए बैंक में खाता खुलवाया था. लेकिन नोटबंदी के बाद लागू हुए नियम के तहत उसके खाते में इतनी बड़ी रकम जमा नहीं हो सकती है. यही वजह है कि गौरव बैंक अधिकारियों से चेक को बैंक में जमा करवाने की मिन्नतें कर रहा है.

गौरव वर्तमान में भिलाई एलायंस एंड मैनेजमेंट कॉलेज का छात्र है और चेक को कैश कराने के चक्कर में वह कॉलेज भी नहीं जा पा रहा है. गौरव के पिता सिलाई का काम कर परिवार को पाल रहे हैं. ऐसे में उच्च शिक्षा पर खर्च होने वाली फीस पिता वहन नहीं कर सकते हैं.

गौरव के मुताबिक, अगर ये चैक कैश हो जाए तो वह कॉलेज की फीस जमा कर पढ़ाई कर सकता है. लेकिन नियमों के चलते परेशान गौरव अब इनाम के चेक को लेकर पछता रहा है.

उधर, एसबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक के. श्रीधर राव नियमों का हवाला देते हुए चेक को नॉर्मल खाते में जमा करवाए जाने की बात कह रहे हैं. लेकिन गौरव की परेशानी यह है कि वह इतना गरीब हैं कि अलग-अलग खाते खुलवाना उसके बस की बात नहीं है.