छत्तीसगढ़ में लगातार सब्जियों को नष्ट करने को मजबूर किसानों ने नया रास्ता अपनाया है. अब किसान सब्जियों को नष्ट करने की जगह मुफ्त में बांटेंगे. सब्जियों के उत्पादन को बाजार नहीं मिलने तथा सही दाम नहीं मिलने से परेशान किसानों ने राजधानी के बूढातालाब धरना स्थल पर एक लाख किलो सब्जी मुफ्त में बांटने का निर्णय लिया है. छत्तीसगढ़ युवा प्रगतिशील किसान संघ के बैनर तले किसान दो जनवरी को प्रति व्यक्ति पांच किलो सब्जी मुफ्त में देंगे.

संघ के प्रदेश अध्यक्ष हितेश वरू व उपाध्यक्ष प्रवीण चावड़ा ने शनिवार को रायपुर प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकारवार्ता में कहा कि प्रदेश में सब्जियों के अत्यधिक उत्पादन एवं फ्रूट प्रोसेसिंग युनिट की अनुपलब्धता के चलते किसानों को उनकी उपज का पर्याप्त मूल्य नहीं मिल रहा है. उन्होंने कहा कि जल्द उनका संघ राज्य सरकार को राशन दुकानों में सब्जी बेचने का प्रस्ताव देने की तैयारी कर रहा है.

संघ के अध्यक्ष वरू पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे. उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा सब्जी मुफ्त में बेचने का निर्णय राजधानी के धरना स्थल पर सोमवार सुबह 11 बजे लिया गया है. उन्होंने राजधानीवासियों से आग्रह करते हुए कहा कि वे थैला लेकर आएं और मुफ्त में सब्जी ले जाएं. उन्होंने कहा कि फसलों को नष्ट करने से अच्छा है कि जनता को मुफ्त में बांटा जा सकता है. उन्होंने बताया कि बैंगन, गोभी, पत्ता गोभी, शिमला मिर्च जैसी सब्जियों का लागत मूल्य नहीं मिल रहा है. इससे परेशान प्रदेश के तमाम जिलों के किसान अपनी-अपनी सब्जियां लेकर राजधानी में जुटेंगे.

वरू ने बताया कि विक्रय लागत मूल्य से भी कम कीमत पर सब्जी बेचने को मजबूर धमधा, अहिवारा, बेन्द्री, खरोरा, भाटापारा, महासमुंद, बागबाहरा के सब्जी उत्पादक किसान अपनी सब्जी गाड़ियों के माध्यम से लेकर राजधानी पहुंचेंगे. उन्होंने कहा कि जिस तरह प्याज की कीमत आसमान छूने के दौरान सरकार ने राशन दुकानों के माध्यम से प्याज बेचकर जनता को बिचौलियों से राहत दी थी, ठीक उसी तरह संघ की मांग है कि राज्य सरकार सब्जियों को भी राशन दुकानों के माध्यम से बेचने की व्यवस्था करें ताकि बिचौलियों से राहत मिल सके.

इसी तरह संघ की मांग है कि राज्य सरकार सब्सिडी देकर किसानों को दुकानें उपलब्ध कराए ताकि किसान खुद बाजार में अपनी सब्जी बेच कर आमदनी ले सकें.

उन्होंने बताया कि मंडी में बेचने पर भी उन्हें उचित मूल्य नहीं मिल रहा और उनकी विक्रय की समस्याएं बढ़ती जा रही है. किसान संघ ने राज्य शासन से मांग की है कि किसानों को उत्पादन का उचित मूल्य दिलाया जाए तथा बिजली बिल, बैंक ऋण पर ब्याज माफी, ऋण अदायगी की अवधि बढ़ाई जाए. छत्तीसगढ़ में खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों एवं शक्कर कारखाना स्थापित करने की मांग शासन से करेंगे.

बकौल वरू प्रदेश भर से एक हजार किसान 30 मालवाहक गाड़ियों में 1 लाख किलो सब्जी लेकर बूढ़ातालाब के किनारे मुफ्त सब्जी बाजार लगाएंगे व सब्जी बांटेंगे. प्रत्येक व्यक्ति को एक बार में पांच से दस किलो सब्जी मुफ्त में दी जाएगी.