मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए चल रही 'नमामि देवी नर्मदे' सेवा यात्रा के दौरान जबलपुर की धरमपुरा पंचायत की महिलाओं ने नशाबंदी का संकल्प लिया.

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सेवा यात्रा जबलपुर जिले के शहपुरा विकास खंड के ग्राम धरमपुरा में पहुंची. गांववालों ने यहां उमड़े जन-सैलाब के बीच यात्रा का भव्य स्वागत किया. यात्रा के प्रभारी स्वामी अखिलेश्वरानंद ने कहा कि यह यात्रा जन-सहभागिता से पर्यावरण संरक्षण का अनूठा प्रयास है.

ग्राम पंचायत धरमपुरा की किरण यादव, अर्चना यादव, माचाबाई यादव, दोजाबाई यादव सहित करीब 15 महिलाओं ने यात्रा के दौरान नशाबंदी का संकल्प लिया. शनिवार को यात्रा के धरमपुरा पहुंचने पर इन महिलाओं ने अपने पति एवं परिवार के सदस्यों को नशे के सेवन से रोकने के लिए हरसंभव कोशिश करने की बात कही.

यात्रा में शामिल एक यात्री अभिषेक राय के अनुसार सामाजिक सहयोग तथा पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर ऐसी ही जागरुक महिलाओं के दलों के जरिए ग्राम ललपुर और ग्वारीघाट में नशाबंदी को लागू करवाया गया है.

'नमामि देवी नर्मदे' सेवा यात्रा 11 दिसंबर को अमरकंटक से शुरू हुई थी. कुल 144 दिन चलने वाली यह यात्रा अलीराजपुर के सोनुआ ग्राम से नर्मदा के उत्तर तट से वापस अमरकंटक आएगी. यात्रा 1100 ग्राम से होती हुई 3350 किलोमीटर की दूरी तय करेगी.