भाजपा के वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री सुंदर लाल पटवा गुरुवार को पंचतत्व में विलीन हो गए. अंत्येष्टि में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी सहित कई नेता शामिल हुए.

पूर्व मुख्यमंत्री पटवा का पार्थिव शरीर गुरुवार सुबह विशेष विमान से भोपाल से नीमच और फिर सड़क मार्ग से उनके गृहग्राम कुकड़ेश्वर ले जाया गया. जहां उनके पारिवारिक खेत में अंत्येष्टि की गई. यहीं उनके माता-पिता की भी समाधियां हैं.

पटवा को मुखाग्नि उनके भतीजे व राज्य के पर्यटन मंत्री सुरेंद्र पटवा ने परिवार के सदस्यों के साथ संयुक्त रूप से दी.

पटवा के अंतिम संस्कार में भाजपा के वरिष्ठ नेता आडवाणी, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह सहित कई अन्य नेता शामिल हुए.

भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर ने बताया कि पटवा की अंत्येष्टि में केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत, नरेंद्र सिंह तोमर, उमा भारती, फग्गन सिंह कुलस्ते, पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी, संगठन महामंत्री रामलाल, छत्तीसगढ़ के मंत्री ब्रजमोहन अग्रवाल, भाजपा की मप्र इकाई के अध्यक्ष नंद कुमार सिंह चौहान, प्रदेश संगठन मंत्री सुहास भगत, छत्तीसगढ़ इकाई के अध्यक्ष धर्मलाल कौशिक, भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और अरविंद मेनन शामिल हुए और उन्हें श्रद्धांजलि दी.

इससे पहले पटवा के पार्थिव शरीर को भोपाल से आने के बाद नीमच स्थित पटवा अकादमी में अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया, जहां लोगों ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए. इसके बाद पटवा के पार्थिव शरीर को रथ के जरिए कुकड़ेश्वर ले जाया गया, रास्ते में बड़ी संख्या में पटवा को चाहने वाले खड़े थे. उन्होंने अपने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की.

पटवा की बुधवार सुबह हृदयाघात के कारण तबीयत बिगड़ गई थी. उन्हें एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका निधन हो गया. वह 92 वर्ष के थे.

पटवा को श्रद्धांजलि देने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी भोपाल पहुंचे थे. उन्होंने पार्टी के प्रदेश कार्यालय में दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी थी.