भिण्ड में गोरमी इलाके के मुन्ना समाधिया की हत्या के मामले में खुलासा करते हुए पुलिस ने 3 आरोपियों को धर दबोचा है। पैसे के लेनदेन को लेकर इस वारदात को अंजाम दिया गया था।इस हत्या के बाद जमकर बबाल मच गया, और गोरमी 4 घंटे तक जला। जिसकी वजह से इलाके में धारा 144 लगी हुई है। दरअसल
जिस मुन्ना समाधिया की मौत को लेकर एक वर्ग विशेष पर आरोप लगाकर गोरमी इलाके में भारी हिंसा हुई । जहा चारो तरफ गोरमी जल रही थी। वही पुलिस उपद्रवियों पर फायरिंग कर रही थी ।उसी मामले की कहानी कुछ और ही निकली। मुन्ना समाधिया की हत्या पवन जैन नाम के युवक ने की थी। पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पवन जैन नाम के युवक ने मुन्ना समाधिया से पैसा उधार लिया था। मुन्ना समाधिया बार बार अपनी रकम ब्याज समेत वापस लेने के लिए पवन जैन पर दबाब बना रहा था। 17 दिसंबर को भी मुन्ना अपने पैसे लेने पवन के पास पंहुचा। पैसे के लेनदेन पर मुन्ना का पवन से विवाद हो गया और पवन ने मुन्ना को चाकू मारकर उसकी हत्या कर दी और अपने तीन साथी इमरान, पंकज और कालू के साथ मिलकर लाश को कचनाव पुल के पास कुआरी नदी में फेंक आये !

25 दिसंबर को पुलिस ने मुन्ना की लाश कुआरी नदी से बरामद कर ली थी। इसके बाद एक वर्ग विशेष पर हत्या का आरोप लगाते हुए गोरमी में हिंसा भड़क गई थी। पुलिस ने एक तरफ स्तिथि को नियंत्रित किया तो दूसरी तरफ हत्या की जांच में जुट गई। और पूरे मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने पवन जैन और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया।


हत्या की गुत्थी सुलझ चुकी है इस वजह से गोरमी में लगी धारा 144 में भी कुछ ढिलाई बरती गई है।
मामले का खुलासा तो हो चूका है लेकिन अब देखना ये होगा की इस हत्या के बाद अशांत हुए गोरमी का जनजीवन शांत होने में कितना समय लेगा।
राहुल शर्मा भिंड