2016 अपने अंतिम पड़ाव की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। साल खत्म होने से पहले अंतिम अमावस्या तिथि दो दिन पड़ रही है। 28 दिसम्बर को अमावस (पितृ कार्येषु) प्रात: 10.37 के उपरांत, 29 दिसम्बर पौष अमावस, (स्नान दानादि कार्येषु)। साल के ये अंतिम दो दिन हैं, जब कुछ सरल और चमत्कारी उपाय करके आप आने वाले  2017 में अपने लिए ढेरों धन लाभ के अवसर प्राप्त कर सकते हैं।


*  पानी में तिल मिलाकर शिवलिंग पर अभिषेक करें।

*  भगवान विष्णु के मंदिर में नीले फूल चढ़ाएं।

*  शिवलिंग पर शहद से अभिषेक करें।

*  माता गौरी के चित्र पर सिंदूर चढ़ाएं।

*  पीपल की 108 परिक्रमा करें।

*  शालीग्राम जी पर तुलसी की मंजरी चढ़ाएं।

*  शिवलिंग पर पंचामृत से अभिषेक करें।

*  भगवान विष्णु के मंदिर में लाल फूल चढ़ाएं।

*  गणेश जी पर दही-चावल चढ़ाएं।

*  भगवान शंकर पर चावल की खीर चढ़ाएं।

*  गाय को गुड़ खिलाएं।

* पीपल पर जल चढ़ाकर सात परिक्रमा करें, शनि, राहू और केतू से मिलने वाला अशुभ प्रभाव नष्ट होगा।


ब्राह्मण भोजन: सर्वप्रथम नित्यकर्म से निवृत होकर घर की दक्षिण दिशा में सफेद वस्त्र बिछाएं। पितृगण के चित्र अथवा प्रतीक सफेद वस्त्र पर स्थापित करें। पितृगण के निमित, तिल के तेल का दीपक जलाएं, सुगंधित धूप करें, जल में चंदन और तिल मिलाकर तर्पण करें। चंदन और तुलसी पत्र समर्पित करें। कुशासन पर बैठाकर भागवत गीता के सोलह अध्याय का पाठ करें। इसके उपरांत ब्राहमणों को चावल की खीर, पूड़ी, सब्जी, साबूदाने की खिचड़ी, मावे से बने मिष्ठान, लौंग-ईलायची तथा मिश्री अर्पित करें। भोजन के बाद सभी को यथाशक्ति वस्त्र, धन दक्षिणा देकर उनको विदा करने से पूर्व आशीर्वाद लें।